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UP Scam

योगी ने अगर ले लिया ये बड़ा फैसला, तो सरकार को हर साल होने लगेगा 11 हज़ार 350 करोड़ का नुकसान!

Updated: IST UP CM
एक अंग्रेजी अख़बार के मुताबिक यूपी के एनिमल हसबेंडरी डिपार्टमेंट के आंकड़े बताते हैं कि यूपी ने साल 2014-15 में 7,515 लाख 14 हज़ार किलो भैंस के मीट का उत्पादन किया।

लखनऊ। भाजपा ने चुनाव से पहले ही यह कहा था कि सरकार बनते ही सभी स्लाटर हाउस बंद कर दिए जाएंगे। अब चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने एक्शन ले लिया है। अभी हाल ही में इलाहाबद नगर निगम ने दो अवैध कत्लखानों पर ताला लटका दिया है। माना जा रहा है जल्द ही इसका असर पूरे प्रदेश में दिखने लगा है।

वहीं अगर देखा जाए तो भाजपा सरकार का यह निर्णय देश के लिए काफी हानिकारक हो सकता सकता हैं। अगर ऐसा हुआ तो ये नुकसान सालाना 11 हज़ार 350 करोड़ रूपये हो सकता है। एक अंग्रेजी अख़बार के मुताबिक यूपी के एनिमल हसबेंडरी डिपार्टमेंट के आंकड़े बताते हैं कि यूपी ने साल 2014-15 में 7,515 लाख 14 हज़ार किलो भैंस के मीट का उत्पादन किया। साथ ही 1171 लाख 65 हज़ार किलो बकरे का मीट और 230 लाख 99 हज़ार किलो भेड़ के मीट का उत्पादन किया था। इसके अलावा 1410 लाख 32 हज़ार किलो सुअर के मांस का भी उत्पादन किया था।

कुल 72 कत्लखाने भारत सरकार से एप्रूव्ड

मौजूदा समय में भारत में कुल 72 कत्लखाने वो हैं, जो भारत सरकार से एप्रूव्ड हैं। इनमें 72 में से 38 कत्लखाने सिर्फ यूपी में हैं। 2011 के एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) की लिस्ट के मुताबिक देश भर में सरकार से मान्यता प्राप्त करीब 30 बूचड़खाने थे, जिसमें से आधे यूपी में ही थे। साल 2014 में इनकी संख्या और बढ़ी। ये कत्लखाने 30 से 53 हो गए। फ़िलहाल यूपी में जो 38 स्लाटर हाउस हैं, उनमें से 7 तो अलीगढ़ में हैं और 5 गाजियाबाद में।

सबसे ज्यादा भैंस का मीट होता है निर्यात

बता दें की सबसे ज्यादा भैंसे का मांस विदेशों में निर्यात होता है। साल 2016 में भारत ने 13,14,158.05 मीट्रिक टन भैंस का मीट का निर्यात किया था। जिसकी कीमत 26,681.56 करोड़ रुपये थी। यूपी के स्लाटर हाउस को 15 साल से बड़े भैंसे या बैल या फिर अस्वस्थ्य नस्ल को काटने की इजाजत है। लेकिन अभी सिर्फ अवैध कत्लखानों पर ताले जड़े जा रहे हैं। अगर सरकार ने 72 अप्रूव्ड कत्लखानों पर कार्रवाई की तो देश को इसका बड़ा नुकसान सहना होगा।

ऐसे होगा नुकसान

भाजपा सरकार के इस निर्णय को अगर सभी कत्लखानों पर लागू कर दिया जाएगा तो देश को काफी नुकसान होगा। 2015-16 के आंकड़ों के मुताबिक 11 हज़ार 350 करोड़ राजस्व की कमी हो सकती है। अगर 5 साल के लिए क़त्लखानों पर कड़ा फैसला लिया गया तो लगभग 56 हजार करोड़ से भी ज्यादा का नुकसान हो सकता है। एपीईडीए की 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी देश में सबसे ज्यादा मीट का उत्पादन करने वाला राज्य है। इसकी भागीदारी 19.1 फीसद है जबकि आंध्र प्रदेश की 15.2 फीसद तथा पश्चिम बंगाल की भागीदारी 10.9 है।

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