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UP में फ्लॉप हुई मोदी की 'योजना’, शाह लगा रहे अखिलेश पर आरोप!

Updated: IST Modi-Shah
केन्द्र में बैठी मोदी सरकार ने अपनी योजना के लिए काफी कोशिशें की लेकिन फिर भी उम्मीद पूरी नहीं हुई

लखनऊ। आपको यह बात जानकर थोड़ी हैरानी हो सकती है कि प्रदेश के वाराणसी लोकसभा सीट से जीते नरेन्द्र मोदी की एक महत्वाकांक्षी योजना यहां फ्लॉप हो रही है। जी हां, प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना को उत्तर प्रदेश के किसान भाईयों ने नकार दिया है। कम से कम आंकड़े तो यही बता रहे हैं कि यह योजना सूबे के किसानों को लुभाने में नाकाम रही है। प्रदेश में कुल 2.33 करोड़ किसानों में से सिर्फ 18 लाख ने ही यह बीमा करवाया है। इनमें ज्यादातर किसान वही हैं, जिन्होंने कोई कर्ज लिया है जिसके चलते उनका अनिवार्य बीमा किया गया है। स्वेच्छा से बीमा कराने वाले किसान आगे नहीं आ रहे हैं।

प्रीमियम कम फिर भी नहीं दिखी रुचि

पुरानी फसल बीमा योजना में किसानों को आठ प्रतिशत प्रीमियम देना होता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई फसल बीमा योजना लागू की। इसमें किसान को महज दो प्रतिशत प्रीमयम देना है। केंद्र ने इसका खूब प्रचार-प्रसार भी किया। केंद्र ने आधे किसानों को बीमा कवर देने का लक्ष्य रखा था। इस लिहाज से यूपी में करीब 1.16 करोड़ किसानों का बीमा होना चाहिए था।जबकि इस साल खरीफ में 18 लाख किसानों का ही बीमा हुआ है। पुरानी फसल बीमा योजना में भी यह आंकड़ा 16-17 लाख था।

कंपनी का नहीं है कोई घाटा

आपको बता दें कि बीमा कंपनी अपना आठ प्रतिशत प्रीमियम ही ले रही है, जैसा पिछली बीमा योजना में था। नई योजना में में दो फीसदी किसान, बाकी छह फीसदी में से आधा-आधा राज्य और केंद्र सरकार को देना है। कई राज्यों का तो कृषि का बजट ही इतना है कि प्रीमयम भरने में ही चला जाएगा। उनका तर्क है कि केंद्र को ज्यादा प्रीमयम देना चाहिए।

राज्य सरकारों ने उठाई आवाज

पंजाब सरकार ने तो नई फसल बीमा योजना लागू करने से ही इंकार कर दिया। जबकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कह रहे हैं कि इस योजना का नाम प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री फसल बीमा होना चाहिए। बीजेपी शासित राज्यों हरियाणा और मध्य प्रदेश ने प्रीमयम का बोझ राज्य पर ज्यादा पड़ने की बात उठाई है।

ऐसा माना जा रहा है कि यूपी ने सीधे तौर पर कोई आपत्ति नहीं उठाई लेकिन बहुत रुचि नहीं ली गई। यही वजह है कि ज्यादा किसानों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह योजना में रुचि न लेने के लिए यूपी सरकार पर आरोप लगा चुके हैं।

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