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मकर सक्रांति को राशि के अनुसार, करें ख़ुश "सूर्य देवता" को !

Updated: IST surya puja rashifal
सब मनोकामनाएं होंगी पूर्ण

लखनऊ , कोई भी पर्व हो उस पर्व का असर हर व्यक्ति के जीवन पर भी पड़ता हैं इसी लिए पंडित शक्ति मिश्रा के अनुसार इस बार संक्रांति पर्व सुख और समृद्धि लेकर आएगा। हाथी की सवारी सुख और समृद्धि की प्रतीक है। 28 वर्षों बाद बन रहा खास योग उर्जा का संचार करेगा। कि सूर्य के दक्षिण से उत्तरायण में प्रवेश होने पर मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन सूर्य 7:37 बजे सुबह मकर राशि में प्रवेश करेगा। नक्षत्रों के आधार पर संक्रांति का नाम राजसी है। साथ ही संक्रांति का नाम मिश्रा भी है जो जीवों के लिए लाभकारी होगी। संक्रांति का वाहन हाथी व उपवाहन गधा होगा। संक्रांति लाल वस्त्र धारण की हुई आएगी। उसका शस्त्र धनुष है।

हाथ में लोहे का पात्र है और वे दूध का सेवन कर रही हैं। पंडित शक्ति मिश्रा ने कह कि सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाने को ही संक्रांति कहते हैं। एक संक्राति से दूसरी संक्राति के बीच का समय ही सौर मास है। वैसे तो सूर्य संक्रांति 12 हैं, लेकिन इनमें से चार संक्रांति महत्वपूर्ण हैं जिनमें मेष, कर्क, तुला, मकर संक्रांति हैं। मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त में स्नान दान और पुण्य के शुभ समय का विशेष महत्व होता है। मकर संक्रांति पर गुड़ और तिल लगाकर स्नान करना लाभदायी होता है। इसके बाद दान संक्रांति में गुड़, तेल, कंबल, फल, छाता आदि दान करने से लाभ मिलता है और पुण्यफल की प्राप्ति होती है।

कहा जाता है कि 14 जनवरी ऐसा दिन है, जब धरती पर अच्छे दिन की शुरुआत होती है। ऐसा इसलिए कि सूर्य दक्षिण के बजाय अब उत्तर को गमन करने लग जाता है। जब तक सूर्य पूर्व से दक्षिण की ओर गमन करता है तब तक उसकी किरणों का असर खराब माना गया है, लेकिन जब वह पूर्व से उत्तर की ओर गमन करने लगता है तब उसकी किरणें सेहत और शांति को बढ़ाती हैं। इसीलिए मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की उपासना से सारे दुःखों का निवारण होता हैं । जब भी समय मिले तब सूर्य देवता को याद जरूर करना चाहिए । राशि के अनुसार नीचें जप दिए गए हैं जिसको जपने मात्र से दुःख का निवारण होता हैं ।

मन्त्र का जाप 108 बार करें

मेष राशि वालों को > ॐ अचिंत्याय नम:

वृषभ राशि वालों को > ॐ अरुणाय नम:

मिथुन राशि वालों को > ॐ आदि-भुताय नम:

कर्क राशि वालों को > ॐ वसुप्रदाय नम:

सिंह राशि वालों को > ॐ भानवे नम:

कन्या राशि वालों को > ॐ शांताय नम:

तुला राशि वालों को > ॐ इन्द्राय नम:

वृश्चिक राशि वालों को > ॐ आदित्याय नम:

धनु राशि वालों को > ॐ शर्वाय नम:

मकर राशि वालों को > ॐ सहस्र किरणाय नम:

कुंभ राशि वालों को > ॐ ब्रह्मणे दिवाकर नम:

मीन राशि वालों को > ॐ जयिने नम:

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