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नाराज डैडी ने बेटे अखिलेश से बोला, आजा मेरी साइकिल में बैठ जा!

Updated: IST muayam akhilesh
चुनाव आयोग साइकिल को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रख सकता है।

लखनऊ.मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के बीच चल रहे घमासान में आज का दिन बेहद अहम था क्योंकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सिंबल साइकिल किसका होगा, ये आज साफ होने वाला था। अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के खेमे के साइकिल पर बारी-बारी से दावा करने के बाद चुनाव आयोग आज फैसला करने वाला था। लेकिन सूत्रों के मुताबिक जो खबर आ रही है उसके मुताबिक चुनाव आयोग साइकिल को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रख सकता है। मतलब चुनाव आयोग साइकिल परआज अपना फैसला नहीं सुनाएगा। वहीं इसस पहले सपा के दोनो गुटों के नेता और नामी वकीलों ने निर्वाचन आयोग में अपना पक्ष रखा। वहीं इस बीच सूत्रों के हवाले से एक और खबर आ रही है कि मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के सिंबल साइकिल से अपना दावा वापस ले सकते हैं। दरअसल गुरुवार रात को मुलायम ने दिल्ली से टेलीफोन के जरिए अखिलेश से बात की है। दोनों के बीच किन मुद्दों पर बातचीत हुई ये तो अभी साफ नहीं हो पाया है लेकिन जानकारी के मुताबिक फोन पर हुई बातचीत के बाद मुलायम साइकिल से अपना दावा वापस ले सकते हैं।

मुलायम पड़ सकते हैं नरम

जानकारी के मुताबिक मुलायम अपने बेटे अखिलेश की हर बात मानने को तैयार हैं। वे बस वह इतना चाहते हैं कि अखिलेश उन्हें समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहने दें। लेकिन अखिलेश ने लखनऊ में मुलायम से जब मुलाकात की थी उनसे तो कहा था कि आप अध्यक्ष बन जाना लेकिन ढ़ाई महीने बाद, तब तक चुनाव खत्म हो जाएंगे। इस शर्त पर मुलायम ने उखड़ते हहा था कि तुम्हारी ये शर्त मुझे ढाई घंटे के लिए भी कबूल नहीं है। हालांकि अब फिर से मुलायम और अखिलेश ने फोन पर बातचीत की है, उससे ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पिता अपने बेटे कुछ नरम हो सकते हैं। हालांकि जानकार ये भी कह रहे हैं कि मुलायम सिंह यादव अध्यक्ष पद जैसी मामूली बात के लिए समाजवादी पार्टी और साइकिल निशान को खोना नहीं चाहेंगे।

नई लिस्ट बना रहे हैं अखिलेश

इस बीच अखिलेश ने अपने आवास पर मंत्रियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात और चर्चा की। अखिलेश ने सभी नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव से सम्बन्धित तैयारियों पर गहन विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने मंत्रियों और विधायकों से कहा कि वे टिकट की चिंता नहीं करें बस सपा की जीत के लिए कड़ी मेहनत करिए। कार्यकर्ताओं से अखिलेश ने कहा कि चुनाव निशान के विवाद में मत फंसिए। यह चुनाव आयोग के पास है और इसका समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी उम्मीदवार जनता के पास जाएं और काम करें। मैं अपने दौरे का कार्यक्रम तैयार करके आपके साथ प्रचार में सहयोग करूंगा।

इन लोगों को टिकट देने की तैयारी

राज्य में सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिये नामांकन की प्रक्रिया 17 जनवरी को शुरू हो जाएगी। सूत्रों के मुताबिक अखिलेश विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों की नयी सूची बना रहे हैं। इसमें आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को बाहर करके योग्य उम्मीदवारों को शामिल किया जा रहा है। इसमें पूर्व मंत्रियों नारद राय, ओम प्रकाश सिंह, शादाब फातिमा और अम्बिका चौधरी के साथ-साथ मंत्री अरविन्द सिंह गोप तथा राम गोविन्द चौधरी को भी शामिल किया जा रहा है।

अधिवेशन के बाद बढ़ा था बवाल

आपको बता दें कि 1 जनवरी को राम गोपाल द्वारा बुलाए गए सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था, जबकि मुलायम को पार्टी का संरक्षक बनाया गया था। इसके अलावा एसपी महासचिव अमर सिंह को पार्टी से निष्कासित करने तथा शिवपाल को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने का निर्णय भी लिया गया था। मुलायम ने इस सम्मेलन को असंवैधानिक घोषित करते हुए इसमें लिये गये तमाम फैसलों को अवैध ठहराया था। जिसके बाद सपा का घमासान परवान चढ़ गया था।

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