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बोले पीएम मोदी- यूपी की हर बीमारी दूर करेंगे योगी

Updated: IST PM Modi
पीएम ने वैज्ञानिकों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि वैज्ञानिक आधुनिक युग के ऋषि हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक मानवता के लिए पूरी जिंदगी लैब में खपा देते हैं।

लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राजधानी के जानकीपुरम एक्सटेंशन में तैयार डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के न्यू कैंपस का लोकार्पण किया। इस अवसर पर पीएम ने कहा कि योगी जी के नेतृत्व में जो कदम उठाए जा रहे हैं उस पर सबका ध्यान है। उन्होंने कहा कि योगीजी कई सालों से बीमारियां ठीक कर रहे हैं अब यूपी का भी रोग ठीक करेंगे। पीएम ने वैज्ञानिकों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि वैज्ञानिक आधुनिक युग के ऋषि हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक मानवता के लिए पूरी जिंदगी लैब में खपा देते हैं। एक दवा बनाने में सैकड़ों वैज्ञानिक लगते हैं।

तकनीक व सुविधाओं के मामले में यह कैंपस देश के टॉप तकनीकि शिक्षण संस्थानों को टक्कर देगा। एकेटीयू के जानकीपुरम विस्तार स्थित न्यू कैंपस में डॉ. अब्दुल कलाम स्मारक में स्टूडेंट्स को प्रख्यात वैज्ञानिकों की झलक दिखेगी। एकेटीयू के न्यू कैंपस में 11 बड़े वैज्ञानिकों की कांस्य प्रतिमाएं लगाई गई हैं। इसमें डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम, हर गोविंद खुराना, प्रफुल्ल राय, सत्येंद्र नाथ बोस, सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, श्रीमती जानकी अम्माल, रामानुज श्रीनिवास, विक्रम साराभाई, होमी जहांगीर भाभा, वेंकट रमन चंद्रशेखरन, आर्यभट्ट शामिल हैं। कांस्य प्रतिमाओं के साथ उनके बार में संक्षिप्त जानकारी भी होगी, जो कि छात्र-छात्राओं को मोटिवेट करेगी। इस दौरान, सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाईक, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, मंत्री स्वाति सिंह, मोहनलालगंज से बीजेपी सांसद कौशल किशोर आदि मौजूद रहे।

आवास योजना का सर्टिफिकेट दिया
राजधानी के 10 ग्रामीणों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आवास आवंटन का प्रमाणपत्र दिया। इन लोगों को एकेटीयू में पीएम के हाथों से प्रधानमंत्री आवास योजना का सर्टिफिकेट दिया गया। परियोजना अधिकारी ग्राम्य विकास केके सिंह ने बताया कि प्रदेश में यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री के हाथों से किसी लाभार्थी को पीएम आवास योजना का सर्टिफिकेट दिया गया। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से जारी 15 लाभार्थियों की लिस्ट में 10 लोगों को ही पीएम से मिलने का मौका मिलेगा। इसमें सबसे ज्यादा 6 लाभार्थी गोसाईंगंज की गौरिया कला ग्राम पंचायत के हैं।

सीडीआरआई में पीएम मोदी को मिला यादगार तोहफा
इससे पहले अमौसी एयरपोर्ट पहुँचने के बाद पीएम मोदी सीडीआरआई पहुंचे। सीडीआरआई में उनके पहुंचने का बेसब्री से वैज्ञानिक इंतज़ार कर रहे थे। संस्थान की निदेशक डाक्टर मधु दीक्षित ने पीएम का स्वागत करते हुए उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया साथ ही संस्थान के वैज्ञानिक द्वारा बनाया बनाया गया आर्ट वर्क भी गिफ्ट किया। डॉक्टर मधु गुप्ता ने बताया कि ग्राफि़क पेंटिंग का उत्कृष्ट नमूना संस्थान के वैज्ञानिक डाक्टर सुजीत खुराना ने तैयार किया था। ख़ास तौर पर पीएम के लिए। सीडीआरआई पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने दवा निर्माण के क्षेत्र में संस्थान का कार्य देखा और बेहद प्रभावित हुए। पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों द्वारा तैयार साइंस प्रदर्शनी देखी, जिसमें यह बताया गया कि किस तरह से दवा का निर्माण किया जाता है। उन्होंने सीडीआरआई के वैज्ञानिकों से बातचीत की और संस्थान के आयुर्वेद वाटिका में चंदन का पौधा लगाया।

तैयार हुई डिजिटल लाइब्रेरी
वहीं कैंपस में लाइब्रेरी भवन बनाया गया है। यह पूरी तरह से डिजिटलाइज होगी। जहां विद्दार्थियों को ऑनलाइन किताबों व ई-जर्नल एक्सेस करने का अवसर दिया जाएगा। न्यू कैंपस के चार तल वाले शैक्षिक भवन में 46 क्लास रूम भी बनाए गए हैं। साथ ही चार बड़े लेक्चर हॉल, 24 लैब, 10 डिपार्टमेंटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं।

नैनो बायो टेक्नोलॉजी से जुड़े होंगे शोध
कुलपति विनय पाठक ने बताया कि न्यू कैंपस एक एडवांस सेंटर ऑफ स्टडी के रूप में काम करेगा। जहां नैनो टेक्नोलॉजी, बायो टेक्नोलॉजी, साइबर से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर क्वालिटी ऑफ रिसर्च होगी। यहां रिसर्च लेवल की लैब बनाई गई है। जहां विद्यार्थियों को शोध की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इसे संबद्ध संस्थानों छात्र प्रयोग कर सकेंगे।

पीएम के कार्यक्रम में शामिल हुए तीन हजार छात्र
पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों प्रस्तावित न्यू कैंपस के लोकार्पण कार्यक्रम में लखनऊ, बाराबंकी समेत आस-पास के जिलों के लगभग तीन हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

गूगल लगाएगा ट्रेनिंग लैब
आमतौर पर गूगल के लैब में ट्रेनिंग लेने के लिए स्टूडेंट्स को यूपी से बाहर ही जाना पड़ता था, लेकिन अब यूपी में रहकर भी यह सपना पूरा हो सकता है। न्यू कैंपस में गूगल अपना लैब सेट-अप करने वाला है। एकेटीयू पदाधिकारियों की गूगल के पदाधिकारियों से इसको लेकर बात फाइनल हो चुकी है। इस लैब स्टूडेंट्स एंड्रॉयड डिवेलपमेंट की ट्रेनिंग ले सकेंगे।

कैंपस नया लेकिन क्या सुलझेंगी पुरानी समस्याएं
यूं तो 30 एकड़ में फैले इस कैंपस में कई नई तकनीक देखने को मिलेंगे लेकिन सवाल वही है कि क्या नए कैंपस में शिफ्ट होने से पुरानी समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। पत्रिका ने पड़ताल में पाया कि कई समस्याएं हैं जिनको लेकर एकेटीयू अक्सर सवालों के घेरे में रहा है।

दिनभर चक्कर लगाते हैं छात्र
एकेटीयू में रोजाना दर्जनों छात्र मार्कशीट अपडेशन के लिए चक्कर लगाते रहते हैं। मार्कशीट अपडेशन की समस्या तो बहुत कॉमन सी हो गई है। एग्जाम कंट्रोलर से मिलने के लिए स्टूडेंट्स अक्सर चक्कर लगाते रहते हैं। कई बार उन्हें निराश होकर भी लौटना पड़ता है। पिछले दिनों कई छात्रों ने इसी कारण एकेटीयू ओल्ड कैंपस में हंगामा भी काटा था।

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