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UP Election 2017

यूपी विधानसभा चुनाव में नेताओं की नई विरासत लड़ने को हो रही है तैयार

Updated: IST up election
इस चुनाव में कार्यकर्ताओं के बजाय नेताओं की नई पौध चुनाव लड़ने को तैयार है, कार्यकर्ता विरोध कर सकते हैं।

अनिल के अंकुर
लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले साल मार्च अप्रैल में होना प्रस्तावित है। इस चुनाव में कार्यकर्ताओं के बजाय नेताओं की नई पौध चुनाव लड़ने को तैयार है। इसमें केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से लेकर सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के पुत्र के नाम शामिल हैं। इसी के साथ यह भी आशंका प्रबल होती जा रही है कि नेता पुत्रों के चुनाव को लेकर कार्यकर्ता विरोध कर सकते हैं।

अखिलेश बने Ideal
यूपी में सियासी परिवारों की अगली पीढ़ी चुनाव में उतारने के लिए यूपी के सीएम अखिलेश यादव एक आइडियल के रूप में देखे जा रहे हैं। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पहले अखिलेश को सांसद बनाया। फिर बहू सांसद हो गई और अखिलेश यूपी के सीएम हो गए। राजनेताओं को यह व्यवस्था सर्वोच्चित दिखती है। अब सब इसी राह पर चल निकले हैं।

भाजपा नेताओं के पुत्र राजनीति में
भाजपा के वरिष्ठ नेता केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह को इस बार विधानसभा चुनाव में उतारे जाने की तैयारी है। पंकज इससे पहले भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें सफलता हासिल नहीं हुई थी। भाजपा में पंकज को जब युवा भारतीय जनता युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया था, तब भाजपा युवा मोर्चा के तत्कालीन अध्यक्ष ने इसका विरोध कर दिया था। इस विरोध के चलते पंकज सिंह को भाजयुमो के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से हटा लिया गया था। अब उन्हें विधानसभा चुनाव में उतारने की पुरजोर तैयारी की जा रही है। भाजपा के पूर्व सांसद वरिष्ठ नेता लालजी टंडन ने भी अपने पुत्र गोपाल टंडन को विधानसभा चुनाव में उतार दिया है। वे अपनी पारम्परिक पश्चिमी लखनउ सीट से चुनाव लडे़ेंगे। पिछली बार उपचुनाव में गोपाल टंडन चुनाव जीत चुके हैं।

सपा नेताओं के पुत्र इस बार चुनाव अखाड़े में
सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने अपने पुत्र आदित्य यादव उर्फ अंकुर यादव को राजनीति में उतारने के लिए पहले पीसीएफ का अध्यक्ष पद की राह दिखवाई। अब आदित्य को विधानसभा चुनाव की तैयारी कराई जा रही है। उन्हें युवा सपा नेता के रूप में शिवपाल समर्थकों द्वारा पेश किया जा रहा है। नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां के पुत्र अब्दुला आजम को रामपुर की स्वार टाडा सीट से स्थापित करने की तैयारी है। कांग्रेसी नेता संजय सिंह के पुत्र अनंत विक्रम सिंह इस बार अमेठी और गौरीगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

बसपा नेता भी अपने परिवार को आगे बढ़ाने में जुटे
अगर बसपा सुप्रीमो मायावती की माने तो उन्होंने अपने दल से नेता प्रतिपक्ष रहे स्वामी प्रसाद मौर्य को इसिलए हटा दिया था क्योंकि उन्होंने अपनी बेटी और बेटे लिए टिकट की मांग की थी। अब बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्र का दामाद बसपा में बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी का पुत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। निर्दललीय विधायक अखिलेश सिंह की बेटी अदिती सिंह इस बार रायबरेली से चुनाव लड़ने की तैयाारी में हैं। वे मैनेजमेंट की डिग्री हासिल करने के बाद अब अपने क्षेत्र में काम कर रही हैं।

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