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ये हैं यूपी के 5 'अलग टाइप के' सिविल सर्वेंट 

Updated: IST civil services
आज सिविल सेवा दिवस हैं। सिविल सेवा दिवस पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इनकी सेवाओं की सराहना की है।

लखनऊ. आज सिविल सेवा दिवस हैं। सिविल सेवा दिवस पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इनकी सेवाओं की सराहना की है। हम आपको बताने जा रहे हैं यूपी के पांच ऐसे अफसरों के बारे में जो अपनी अलग तरह की छवि और अपने अलग तरह के प्रयोगों के लिए चर्चा में रहे।

बी चन्द्रकला

वर्तमान समय में वे पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं। वे उत्तर प्रदेश में कई जिलों में डीएम के तौर पर तैनात रही हैं। बुलंदशहर, बिजनौर और मेरठ जनपदों में डीएम के तौर पर तैनात रही बी चन्द्रकला हमेशा सुर्ख़ियों में रही हैं। अपनी तैनाती के जनपदों में उन्होंने हमेशा माफियाओं के खिलाफ मोर्चा लेते हुए सरकारी मशीनरी में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़े रखा। उनकी कार्यशैली को देखते हुए वर्तमान में भारत सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर तैनाती दी गई है।

अमिताभ ठाकुर

वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर आईजी तैनात अमिताभ ठाकुर हमेशा अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहे। वे उत्तर प्रदेश के ऐसे अफसरों में शुमार रहे हैं जो अपने ही विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने में कभी पीछे नहीं हटे। अमिताभ की पत्नी गायत्री ठाकुर ने अवैध खनन मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई तो अमिताभ ठाकुर को कई तरीके से परेशान किया गया। आईजी को निलंबित तक कर दिया गया और उन्होंने अपने निलंबन के खिलाफ लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया। बाद में उन्हें बहाल किया गया। वे हमेशा अपनी बेबाक कार्यशैली के लिए चर्चा में रहते हैं।

अनुराग यादव

अनुराग यादव इस समय उत्तर प्रदेश सरकार में सचिव पद पर तैनात हैं। वे उत्तर प्रदेश में लखनऊ, झाँसी सहित कई जिलों में बतौर डीएम पोस्टेड रहे हैं। अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने कई लीक से हटकर प्रयोग किये। बुंदेलखंड में किसानों की आत्महत्याओं के मसले पर अपनी पत्नी के सहयोग से किसानों की आर्थिक मदद के लिए मुहिम चलाई। किसान की ख़ुदकुशी के मामलों में शासन की ओर से आर्थिक मदद देने में तमाम तरह के दिशा निर्देशों के कारण पड़ रही बाधाओं को देखते हुए उन्होंने किसानों की मदद के लिए इस तरह से एक नया मुहिम चलाया था।

राजशेखर

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईएसएस अफसर राजशेखर झाँसी, लखनऊ के डीएम और मंडी विभाग के निदेशक सहित कई पदों पर तैनात रहे। अपने कार्यकाल में उन्होंने जनता के हित में विभिन्न तरह के निर्णय लिए। झाँसी डीएम रहते हुए उन्होंने जन सुविधा केंद्र की शुरुआत की थी जिसमे फोन पर उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़े हर विभाग की शिकायत दर्ज होती थी और अधिकतम एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान कराया जाता था। उनके इस प्रोजेक्ट की सरकार ने सराहना की थी और इस मॉडल के आधार पर पूरे प्रदेश में कई प्रयोग किये गए थे। लखनऊ में उन्होंने भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई अवैध निर्माण ध्वस्त कराये थे।

आदित्य मिश्रा

आदित्य मिश्रा उत्तर प्रदेश के बेहद ईमानदार अफसरों में गिने जाते हैं। वे 1984 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वर्तमान समय में वे एडीजी लॉ एंड आर्डर के पद पर तैनात हैं। वे हमेशा अपनी कार्यशैली के कारण सुर्ख़ियों में रहे। आदित्य की गिनती समझौता न करने वाले अफसरों में से होती रही है। आदित्य मूलतः बिहार के रहने वाले हैं अपनी तैनाती के दौरान माफियाओं से लोहा लेते रहे हैं।

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