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अखाड़ा बना बीबीएयू, छात्रों की पढ़ाई हुई चौपट

Updated: IST babasaheb bhimrao ambedkar university BBAU
दो गुटों में बंटे शिक्षक, कर्मचारी व छात्रों के साथ इसमें आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने भी ताल ठोंक रखी है। जांच में हो रही हीलाहवाली से कैंपस में तनाव बढ़ रहा है।

लखनऊ. इस समय पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो गई है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) पढ़ाई की जगह लड़ाई का अखाड़ा बनकर रह गया है। यहां प्रोफेसर कमल जायसवाल पर हुए हमले के आरोप में एक समुदाय विशेष के आठ छात्रों को निष्कासित किए जाने के बाद से कैंपस में शांति कायम नहीं हो पा रही है। दो गुटों में बंटे शिक्षक, कर्मचारी व छात्रों के साथ इसमें आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने भी ताल ठोंक रखी है। जांच में हो रही हीलाहवाली से कैंपस में तनाव बढ़ रहा है।

बीबीएयू में करोड़ों के टेंडर को लेकर बीते आठ सितंबर को चल रही हाईपावर कमेटी की बैठक में शिक्षकों व अधिकारियों के बीच हुई बहस और कहासुनी के बाद एप्लाइड एनीमल साइंस के प्रोफेसर डॉ. कमल जायसवाल पर हमला कर दिया गया था। भुक्तभोगी प्रोफेसर ने आरोप लगाया था कि रजिस्ट्रार के इशारे पर तीन शिक्षकों व आठ छात्रों ने उन पर हमला किया है। इसकी उन्होंने एफआइआर भी दर्ज करवाई थी। इसके बाद आरोपी आठ छात्रों को निष्कासित कर दिया गया।

निष्कासित छात्रों के पक्ष में उतरी आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति का आरोप है कि कैंपस में काफी समय से इन्हीं प्रोफेसर के इशारे पर दलित छात्रों का उत्पीड़न हो रहा था। समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा सवाल उठाते हैं कि आखिर बीबीएयू ने अपनी ओर से अभी तक इस मामले में एफआइआर क्यों नहीं करवाई। इसके विरोध में शुक्रवार से कैंपस का घेराव कर प्रदर्शन शुरू होगा। उधर, भुक्तभोगी प्रोफेसर का कहना है कि कैंपस के अंदर एक शिक्षक पर हमला हुआ और उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए। आखिर शिक्षण संस्थान में एक शिक्षक के साथ, इस तरह का आचरण कहां तक उचित है।

इसकी सीसीटीवी फुटेज कोई भी देख सकता है, किसने हमला किया। इन दोनों की गुटों के बीच चल रहे आपसी द्वंद्व के बीच बीबीएयू प्रशासन कोई ठोस निर्णय इस मामले में नहीं ले पा रहा। इसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है। बीबीएयू के प्रवक्ता प्रो. गोविंद जी पांडेय कहते हैं कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी इसीलिए सभी पहलुओं को बारीकी से देखा जा रहा है, जो दोषी हैं उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में बीते 19 वर्षो से काम कर रहे माली, चौकीदार व अन्य शोषित कर्मचारी स्थाई पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर शुक्रवार को कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारी रामकुमार का कहना है कि वह निष्ठापूर्वक सेवा कर रहे हैं लेकिन उनका लगातार यहां उत्पीड़न ही हो रहा है। फिलहाल मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

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