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सहारा की एंबी वैली होगी नीलामी, कोर्ट ने दिए आदेश

Updated: IST Subrata Roy
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत को एक और झटका देते हुए सहारा की एंबी वैली की नीलामी के आदेश दे दिए हैं।

लखनऊ. सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत को एक और झटका देते हुए सहारा की एंबी वैली की नीलामी के आदेश दे दिए हैं। उच्चतम न्यायालय ने निवेशकों का पैसा न लौटा पाने में असमर्थ सहारा समूह के लिए यह फैसला सुनाया है। कोर्ट ने ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत रॉय को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने के भी आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुवाई 28 अप्रैल को होगी।

इससे पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह से 17 अप्रैल तक सेबी-सहारा रिफंड खाते में 5,092.6 करोड़ रुपये जमा कराने के आदेश दिए थे। इसका अनुपालन न होने पर कोर्ट ने पुणे में लोनावाला में सहारा की प्रॉप्रटी एंबी वैली को जब्त किए जाने का आदेश दिया था।
सहारा ग्रुप के इस प्रॉपर्टी की कीमत 39,000 करोड़ रुपये है। सितंबर 2012 में एंबी वैली की कीमत लगभग 34,000 करोड़ रुपये तक आंकी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जब तक सहारा से रकम की वसूली नहीं होती है तब तक यह टाउनशिप सुप्रीम कोर्ट के पास ही रहेगी।

ये है पूरा मामला-
बता दें कि सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय तथा दो अन्य निदेशकों रविशंकर दुबे और अशोक राय चौधरी को ग्रुप की दो कंपनियों सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड द्वारा 31 अगस्त, 2012 तक निवेशकों का 24,000 करोड़ रुपये का रिफंड करने के आदेश का अनुपालन नहीं करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।हालांकि, एक निदेशक वंदना भार्गव को हिरासत में नहीं लिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई, 2016 को सुब्रत राय को अपनी मां की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए चार हफ्ते का पैरोल दिया था।उसके बाद से उनके पैरोल को बढ़ाया गया है. राय को 4 मार्च, 2014 को तिहाड़ जेल भेजा गया था, लेकिन फिर कोर्ट ने पिछले साल 28 नवंबर को सुब्रत राय को 6 फरवरी तक रिफंड खाते में 600 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश देते हुए कहा था कि अगर वह ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उन्हें फिर जेल भेज दिया जाएगा।

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