Patrika Hindi News
Bhoot desktop

मकर संक्रांति को जपे यह "मंत्र" !

Updated: IST Makar Sankranti
सुबह से शाम तक करें यह काम ,इस बार हैं अद्भुत संजोग

लखनऊ,हमारा देश विभिन्न संस्कृति का देश हैं हर रोज़ यहाँ पर कोई ना कोई व्रत या पर्व होता हैं । जब साल नया हो तो सौगाते क्यों नहीं। जी हाँ राजधानी वासी जहां नए साल के जश्न में डूबे हैं वही शहर वासियों को अलग - अलग विभागों की ओर से सौगातें मिलने जा रही हैं। चारों तरफ खुशियां ही खुशियां दिख रही हैं । जनवरी शुरू होते ही नए साल की खुशियां होती है उसके बाद सारे त्यौहारो की एक झर लग जाती हैं जिसमे हिंदी महीने की शुरुआत खिचड़ी से होती हैं ।

खिचड़ी से यानि मकर संक्रांति का पर्व पूरे देश में 14 जनवरी को मनाया जाता है। इस बार 28 साल बाद संक्रांति पर खास योग बन रहा है। संक्रांति पर सर्वार्थसिद्ध योग, अमृत सिद्धि के साथ चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेगा। साथ ही संक्रांति पर अश्लेशा नक्षत्र, प्रीति और मानस योग का भी संयोग है। संक्रांति इस बार हाथी पर सवार होकर आएगी।

लखनऊ के पंडित शक्ति मिश्रा के अनुसार इस बार संक्रांति पर्व सुख और समृद्धि लेकर आएगा। हाथी की सवारी सुख और समृद्धि की प्रतीक है। 28 वर्षों बाद बन रहा खास योग उर्जा का संचार करेगा। कि सूर्य के दक्षिण से उत्तरायण में प्रवेश होने पर मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन सूर्य 7:37 बजे सुबह मकर राशि में प्रवेश करेगा। नक्षत्रों के आधार पर संक्रांति का नाम राजसी है।

साथ ही संक्रांति का नाम मिश्रा भी है जो जीवों के लिए लाभकारी होगी। संक्रांति का वाहन हाथी व उपवाहन गधा होगा। संक्रांति लाल वस्त्र धारण की हुई आएगी। उसका शस्त्र धनुष है। हाथ में लोहे का पात्र है और वे दूध का सेवन कर रही हैं।

मन्त्र का जाप 108 बार करें

> ॐ अचिंत्याय नम:

> ॐ अरुणाय नम:

> ॐ आदि-भुताय नम:

> ॐ वसुप्रदाय नम:

> ॐ भानवे नम:

> ॐ शांताय नम:

> ॐ इन्द्राय नम:

> ॐ आदित्याय नम:

> ॐ शर्वाय नम:

> ॐ सहस्र किरणाय नम:

> ॐ ब्रह्मणे दिवाकर नम:

> ॐ जयिने नम:

अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???