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स्वाइन फ्लू ले सकता है आपकी जान, ऐसे करें बचाव 

Updated: IST swain flu
बदलते मौसम के कारण स्वाइन फ्लू की तेजी से बढ़ रही है।

लखनऊ। बदलते मौसम के कारण स्वाइन फ्लू की तेजी से बढ़ रही है। लखनऊ में स्वाइन फ्लू से एक और मौत का मामला सामने आया है। मरीज का इलाज केजीएमयू में चल रहा था। यह जानलेवा बीमारी है लेकिन अगर इसका इलाज समय से किया जाय तो इससे आसानी से बचा जा सकता है। इस बीमारी के लक्षण व इससे बचने के उपाय बताएंगी केजीएमयू की डॉ. सरिता सिंह ...

ये हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण

स्वाइन फ्लू होने से जुकाम सामान्य ही होता है लेकिन इससे 100 डिग्री तक की बुखार हो जाता है। इससे भूख कम हो जाती है और नाक से पानी बहता है। इससे कुछ लोगों को गले में जलन, ऊल्टी और डायरिया भी हो जाता है।

स्वाइन फ्लू और सामान्य सर्दी में कैसे पहचाने अंतर

1 . सर्दी लगने पर बुखार अमुमन नहीं आती, परंतु स्वाइन फ्लू होने पर 100-102 डिग्री बुखार आम है।
2. सर्दी लगने पर सरदर्द और बदन दर्द कम ही होता है, परंतु स्वाइन फ्लू होने पर काफी सरदर्द होता है। और असहनीय बदनदर्द होता है।
3. सर्दी लगने पर कम कमजोरी आती है परंतु स्वाइन फ्लू से अत्यादिक कमजोरी महसूस होती है।
4. सर्दी होने पर नाक जाम हो जाती है परंतु स्वाइन फ्लू होने से नाक अमुमन जान नहीं होता है।
यह बीमारी कैसे फैलती है?

बरतें ये सावधानियां

1. छींकते समय टिस्यू पेपर से नाक को ढके और फिर उस पेपर से सावघानी से नष्ट कर दे, कचरे में फेंक दे।
2. अपने हाथों को लगतार साबुन से घोते रहे अपने घर के, ऑफिस के दरवाजों के हेडल, कीबोर्ड, मेज आदि साफ करते रहे।
3. यदि आपको जुकाम के लक्षण दिखाई दे तो घर से बाहर ना जाएं और दूसरों के नजदीक ना जाएं।
4. यदि आपको बुखार आई हो तो उसके ठीक होने के 24 घंटे बाद तक घर पर रहे। लगातार पानी पीते रहे ताकि डिहाडे्रशन ना हो।
5. संभव हो तो फेसमास्क पहने ले।

ऐसे करें बचाव

(1) इस बीमारी से बचने के लिए हाइजीन का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए. खांसते समय और झींकते समय टीशू से कवर रखें. इसके बाद टीशू को नष्ट कर दें.

(2) बाहर से आकर हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं और एल्कोहल बेस्ड सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें.

(3) जिन लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण हों तो उन्हें मास्क पहनना चाहिए और घर में ही रहना चाहिए.

(4) स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीज से क्लोज कॉंटेक्ट से बचें. हाथ मिलाने से बचें. रेग्यूलर ब्रेक पर हाथ धोते रहें.

(5) जिन लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही हो और तीन-चार दिन से हाई फीवर हो, उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए.

(6) स्वाइन फ्लू के टेस्ट के लिए गले और नाक के द्रव्यों का टेस्ट होता है जिससे एच1एन1 वायरस की पहचान की जाती है. ऐसा कोई भी टेस्ट डॉक्टर की सलाह के बाद ही करवाएं.

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