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संकट में अखिलेश का ड्रीम प्रोजेक्ट, महाघोटालों पर योगी की नज़र

Updated: IST Akhilesh Yadav
रफ़्तार से किये थे पिछली सरकार ने ड्रीम प्रोजेक्ट के उद्धघाटन, अब रफ़्तार से बैठ रही जांच

लखनऊ। योगी सरकार ने अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे में हुए घोटालों की जांच के लिए आदेश दिए हैं। इस जांच के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 10 जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे की जांच के अंतर्गत पिछले 18 महीनों में हुई जमीन खरीद के मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के दायरे में एक्सप्रेस वे के किनारे के करीब 230 गांव आएंगे। इसमें खेती की जमीन को रिहायशी जमीन की श्रेणी में दिखाया गया है।

बता दें की आगरा एक्सप्रेस वे के मुआवजा बांटने में धांधली का मामला सामने आया है, जिसमें 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अधिकारियों ने कृषि भूमि को आबादी बनाकर आम जनता की गाढ़ी कमाई मुआवजे के रूप में पानी की तरह बहा दी। इस मामले में चकबंदी अधिकारी समेत 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे बनाए के दौरान सिरसागंज तहसील के गांव बछेला-बछेली में एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए सात अक्टूबर और 30 दिसंबर 2013 को अधिसूचना जारी की गई थी। घोटाले की जानकारी यूपी एक्सप्रेस वे डेवलपमेंट इंडस्ट्रियल अथॉरिटी (यूपीडा) के स्पेशल फील्ड ऑफिसर योगेश नाथ लाल ने दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि बैनामा के दौरान कुछ जमीन आबादी में दिखा दी गई। इससे 3.29 करोड़ रुपये अतिरिक्त मुआवजे का भुगतान करना पड़ा। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे की लम्बाई 302 किलोमीटर है। 6 लेन वाले इस एक्सप्रेस वे के बीच 3 किलोमीटर लम्बी हवाई पट्टियां भी बनाई गईं है।

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