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योगी सरकार ने शिक्षा के बजट में घटाए 9 हजार करोड़, उठे सवाल

Updated: IST CM yogi, UP Assembley, Explosive
योगी सरकार ने बीती 11 जुलाई को अपना पहला बजट पेश किया था। यह बजट 3.84 लाख करोड़ का था लेकिन बजट की एनालिसिस में तमाम नए तथ्य भी सामने आए हैं।

लखनऊ. प्रदेश की योगी सरकार ने बीती 11 जुलाई को अपना पहला बजट पेश किया था। यह बजट 3.84 लाख करोड़ का था लेकिन बजट की एनालिसिस रिपोर्ट में तमाम नए तथ्य भी सामने आए हैं। योगी सरकार ने बजट में माध्यमिक शिक्षा पर आवंटित की गई रकम में काफी कटौती की जिस कारण उसे आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस उपाध्यक्ष व अमेठी सांसद राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर इसको लेकर योगी सरकार पर तंज कसा है।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, अखिलेश सरकार के कार्यकाल के दौरान वित्त वर्ष 2016-17 में माध्यमिक शिक्षा के लिए 9,990 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। वहीं इस वित्त वर्ष योगी आदित्यनाथ सरकार ने 576 करोड़ रुपये आवंटित किए। यानी 9,414 करोड़ रुपये की कटौती हुई है। इससे तमाम सवाल उठने लगे हैं कि सरकार शिक्षा का स्तर कैसे सुधारेगी। लखनऊ यूनिवर्सिटी की पूर्व वाइस चांसलर रूप रेखा वर्मा का कहना है कि सरकार का ध्यान शिक्षा के स्तर से ज्यादा यूनिवर्सिटी में भगवाकरण को बढ़ावा देने की ओर है इसलिए मूलभूत सुविधाओं पर योगी सरकार का ध्यान नहीं है।

उठे तमाम सवाल

योगी सरकार को बजट में माध्यमिक शिक्षा पर आवंटित की गई रकम में कटौती करने पर भी कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीएम योगी आदित्य नाथ पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने ट्विटर पर एक अंग्रेजी अखबार की एक खबर ट्वीट कर लिखा, “बहुत अच्छी पहल है सीएम योगी- आप सारे अस्पताल बंद कर दीजिए, इससे आप और ज्यादा पैसे बचा पाएंगे।” दरअसल राहुल गांधी ने यह ट्वीट कर योगी आदित्य नाथ पर तंज कसा है।

फ्री लैपटॉप का भी जिक्र नहीं

चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने लोक कल्याण पत्र (घोषणा पत्र) में वादा किया था कि वह भी छात्रों को लैप्टॉप बांटेगी लेकिन राज्य के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा पेश किए गए बजट में लैप्टॉप का कोई जिक्र नहीं हुआ। जबिक घोषणा पत्र के वक्त बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह लखनऊ में ये वादा कर गए थे कि छात्रों को लैपटॉप के साथ फ्री इंटरनेट भी मिलेगा।

योगी आदित्यनाथ सरकार पहला सालाना बजट 3 लाख 84 हजार करोड़ का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, योगी सरकार का यह बजट पिछले साल के बजट के मुकाबले 11 फीसदी ज्यादा है। इसमें किसान कर्ज माफी के लिए 36 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। वहीं बजट में ताजमहल का कोई जिक्र नहीं था जिसको लेकर भी सरकार की कड़ी आलोचना हुई थी।

राज्य के वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में “हमारी सांस्कृतिक विरासत” सेक्शन से ताजमहल नदारद रहा। बजट में स्वदेश दर्शन योजना पेश की गई जिसके लिए 1,240 करोड़ रुपये अलॉट हुए। योजना का उद्देश्य मथुरा, काशी और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों पर पर्यटन बढ़ाने का है। ठीक ऐसे ही प्रसाद योजना के लिए 800 करोड़ रुपये अलॉट हुए हैं जिसके तहत अयोध्या, वाराणसी और मथुरा के इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप किया जाएगा। मगर इन सबसे ताजमहल नदारद रहा।

यह मिलेगा शिक्षा में-

लड़कियों को ग्रेजुएशन तक फ्री एजुकेशन दी जाएगी।

- अल्पसंख्यक स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप के लिए 791 करोड़ 83 लाख।

- स्कूलों में बच्चों को बैग बांटने के लिए 100 करोड़।

- स्कूलों में बच्चों को जूता, मोजा, स्वेटर बांटने के लिए 300 करोड़ का बजट है।

- बच्चों को यूनिफॉर्म और किताबों के लिए 124 करोड़ का बजट है।

- अहिल्याबाई निशुल्क शिक्षा योजना के लिए 21 करोड़ का बजट।

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