Patrika Hindi News

> > > > Mahasamud: millions quintal paddy store in mandi due to transporting

परिवहन नहीं होने से मण्डी में लाखों क्विंटल धान जाम, किसान हो रहे परेशान

Updated: IST Paddy procurement centre
खरीदी केन्द्रों से परिवहन नहीं होने से लाखों क्विंटल धान जाम पड़े हुए हैं। इसके चलते यहां ट्रैक्टर-ट्राली से धान लेकर पहुंचने वाले किसान मायूस होकर लौट रहे हैं

महासमुंद. खरीदी केन्द्रों से परिवहन नहीं होने से लाखों क्विंटल धान जाम पड़े हुए हैं। इसके चलते यहां ट्रैक्टर-ट्राली से धान लेकर पहुंचने वाले किसान मायूस होकर लौट रहे हैं। वे धान बिचौलिए को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं। इन स्थितियों का पत्रिका टीम ने जब खरीदी केन्द्रों का पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

यहां आने वाली धान की उपज को रखने के लिए जगह तक नहीं बची है। इसके अलावा जिन किसानों का धान लिया भी जा रहा है। उनसे तौलाई और भराई के नाम पर पांच रुपए तक की अवैध वसूली हो रही है। किसानों की पीड़ा है कि तौलाई में प्रति बोरे 2 किलो धान की डंडी मारी जा रही है।

छाए बादल, किसानों की धड़कनें तेज
गुरुवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे, जिससे हल्की बारिश की आशंका बनी हुई है। अगर बारिश हुई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि धान खरीदी केन्द्रों में रखे गए धान की बोरियों को ढकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। किसानों का कहना है कि बारिश होने से नुकसान होगा। खुले में हो रही धान खरीदी करने से पूर्व केन्द्र प्रभारियों ने कैप कवर तक अभी नहीं ला सके हैं। जबिक बदले मौसम का कोई ठिकाना नहीं कि कब बारिश हो जाए।

कई बाद आया नम्बर
झालखम्हरिया धान खरीदी केन्द्र पर धान के ढेर लगे हुए हैं। यहां धान का उठाव नहीं होने के चलते जगह तक नहीं बची है। किसान दो दिनों से अपना धान लेकर तौलाई का इंतजार करते दिखे। जहां संतराम यादव बोरियाझर से धान लेकर पहुंचे थे। उनकी पीड़ा थी कि जगह नहीं बचने के कारण कई दिन से धान तौलाई करवाने चक्कर लगा रहा था। आज किसी तरह मेरा नम्बर आया है।

तौल में आई कमी
झाल खम्हरिया केन्द्र में पहुंचे किसान लोकेश साहू व लखन साहू और घसिया राम यादव ने बताया कि धान तौलाई व भराई के लिए 5 लिया जा रहा है। कर्मचारी तौलाई आदि में भी डंडी मारी जा रही है। जिससे प्रति क्विंटल 2 किलो धान कम हो रहा है। जबकि यहां लाने से पहले धर्मकांटा कराया था लेकिन अब करीब एक क्विंटल धान हो गया है। यहां पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है।

नहीं हो रहा उठान
पिटियाझर धान खरीदी केन्द्र में भी परिवहन नहीं होने से लाखों क्विंटल धान जाम पड़े हुए हैं। वहीं मौके पर मिले किसानों की शिकायत है, तौलाई व भराई के नाम पर 10 रुपए लिया जा रहा है। डंडी मारने के लिए यहां के कर्मचारी कई तरह के जुगाड़ अपना रहे हैं। खाली बोरे में ईंट रखकर तौलाई हो रही है। जिससे प्रति क्विंटल 2 किलो की कम हो जा रहा है।

डंडी मारे जाने की करेंगे शिकायत
किसान नेता विनोद चंद्रकर ने बताया कि तौलाई में डंडी मारे जाने की शिकायत मिली रही है। इसके अलावा तौलाई और भराई के नाम अवैध वसूली कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी।

एसडीएम प्रेमप्रकाश शर्मा ने बताया कि शासन से तौलाई व भराई के लिए 12 रुपए मिलता है। अगर किसी किसान से पैसा लिया जाएगा तो खरीदी केन्द्रों के प्रबंधकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

झालख्म्हरिया प्रभारी भेजराज ने बताया कि मिलर्स के हड़ताल के कारण धान के परिवहन पर प्रभाव पड़ा है। लेकिन स्थिति सामान्य हो रही है। अब धान के उठान में तेजी आएगी। तौलाई के लिए 2 रुपए प्रति बोरी लिया जा रहा है।

अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???