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रेत माफिया बेधड़क होकर नदियों में कर रहे अवैध खनन, अफसर बने अनजान

Updated: IST illegal mining
महानदी में बडग़ांव के रेतघाट का आवंटन अभी प्रकियाधीन है, लेकिन रेत माफिया नदी में बकायदा टेंट गाड़कर दर्जनों लोगों को तैनात कर पोकलेन मशीन द्वारा बेधड़क रेत खनन कर रहा है

महासमुंद. महानदी में बडग़ांव के रेतघाट का आवंटन अभी प्रकियाधीन है, लेकिन रेत माफिया नदी में बकायदा टेंट गाड़कर दर्जनों लोगों को तैनात कर पोकलेन मशीन द्वारा बेधड़क रेत खनन कर रहा है। लेकिन जिला खनिज अधिकारी जांच के लिए पहुंचीं तो उन्हें वहां कुछ नहीं मिला। उन्होंने कलक्टर को रिपोर्ट की, वहां तो ऐसा कुछ नहीं हो रहा है! लेकिन जब पत्रिका की टीम ने तमाम तस्वीरें और वीडियो दिखाए तो खनिज अधिकारी को फटकार लगाते हुए कलक्टर ने कहा-ये सब आपको दिखा क्यों नहीं?

पत्रिका ने अपने गुरुवार के अंक में महानदी की रेत लूटने बडग़ांव में बांटे 56 लाख शीर्षक से खबर का प्रकाशन प्रमुखता से किया था। इस खबर ने जहां बडग़ांव से लेकर जिला मुख्यालय तक खलबली मचा दी, वहीं खनिज विभाग इस लेन-देने से हमारा कोई वास्ता नहीं बताकर हाथ-पर हाथ धरे बैठा रहा। उधर बडग़ांव के रेतघाट पर जहां फिलहाल खनन की अनुमति नहीं है, वहां बेधड़क अवैध रूप से रेत खनन और निकासी की जा रही थी। नदी के तट पर और भीतर दो-दो टैंट लगाकर दर्जनों लोगों को तैनात कर रखे गए थे। नदी के भीतर तक रैम्प बनाकर हाइवा, ट्रैक्टर आदि वाहनों से रेत की धड़ल्ले से निकासी की जा रही थी।

पत्रिका टीम ने गुरुवार सुबह मौके पर पहुंचकर रेत संपदा की लूट की पूरी पड़ताल की और सबूत के तौर पर वीडियो और फोटो लिए। मौके से ही जिला खनिज अधिकारी को सूचित किया, लेकिन उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया, बाद कलक्टर को मैसेज किया गया, वे छुट्टी पर थे, लेकिन जांच के लिए खनिज अधिकारी को निर्देशित किया, तब कहीं जाकर खनिज अधिकारी दोपहर बाद पहुंचीं, तब तक रेत माफिया को पोकलेन आदि हटाने का मौका मिल गया था। हालांकि शुक्रवार को कलक्टर के समक्ष उन्होंने स्वीकार किया कि नदी में टैंट लगे हुए थे तथा पत्थर और झाडिय़ां डालकर गाडिय़ों की आवाजाही के लिए रास्ता दुरूस्त किया जा रहा था। इस पर कलक्टर ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि आपको उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने एसडीएम के साथ पुलिस लेकर जाने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

विडंबना यह है कि मौके से सूचना दिए जाने के बाद भी रेत की लूट रोकने प्रशासन ने कोई फौरी कार्रवाई तो की नहीं और अब पत्रिका से ही सबूत और उक्त लूट को देखने वाले ग्रामीणों के बयान मांगे जा रहे हैं। सवाल है कि जिन लोगों को रेत माफिया द्वारा लाखों रुपए बांटे गए हैं, उनसे रेत माफिया के खिलाफ बयान की उम्मीद कैसे की जा रही है। रेत संपदा की लूट रोकने में नाकामी का ठीकरा भी खनिज विभाग ग्रामीणों पर फोडऩे की कोशिश कर रहा है। खनिज अधिकारी का कहना है कि ग्रामीण सहयोग नहीं करते। खनन करने वालों के लोग कई जगह बैठे होते हैं और विभाग की टीम कार्रवाई के लिए जाती है तो इसका पता उन्हें पहले से चल जाता है।

शुक्रवार देर शाम जिले की खनिज अधिकारी त्रिवेणी देवांगन ने जारी बयान में कहा है कि बडग़ांव में रेत खदान संचालन के लिए जनपद पंचायत महासमुंद ने आवेदन किया है। खसरा नम्बर 1106 पर 15 हेक्टेयर रकबे के लिए जनपद ने आवेदन लगाए हैं। उन्हें दो साल के लिए पर्यावरण विभाग की सहमति भी प्राप्त हो चुकी है। पर्यावरण विभाग ने 5 जुलाई 2016 से 4 जुलाई 2018 तक की अवधि के लिए सहमति प्रदान की है। भू-प्रवेश के लिए अनुमति की कार्रवाई अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि रेत खदान के लिए पैसा बांटने संबंधी कोई शिकायत भी विभाग को प्राप्त नहीं हुई है।

अवैध खनन हुआ तो सरपंच होंगे बर्खास्त
कलक्टर उमेश कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को अफसरों की क्लॉस ली और अवैध खनन के मामलों में त्वरित और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने दस बिन्दु तय किए हैं, जिसके अनुसार जिलेभर में रेत खदानों पर वहां के सरपंच, सचिव और कोटवार नजर रखेंगे। अवैध खनन पाया गया तो उनपर कार्रवाई होगी। सरपंच को धारा 40 के तहत हटा दिया जाएगा। खदानों से वाहनों के निकलने का एक ही रास्ता होगा, जिस पर दो-तीन स्थानों पर चेकिंग पॉइंट रखे जाएंगे। रेतघाटों पर मजदूरों के माध्यम से ही रेत खनन होगा, रजिस्टर में मजदूरों का नाम भी दर्ज किया जाएगा। खनन में पोकलेन आदि मशीनों का प्रयोग नहीं होगा। परिवहन में लगे वाहनों का नंबर भी रजिस्टर में दर्ज होगा।

आगे कार्रवाई करेंगे
महासमुंद खनिज अधिकारी त्रिवेणी देवांगन ने बताया कि इस बार तो हमें कुछ नहीं मिला, लेकिन अगली बार हमें सूचना देंगे तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। आप चाहें तो हमारे साथ चलेंगे।

कराएंगे जांच
महासमुंद कलेक्टर उमेश अग्रवाल ने बताया कि खनिज अधिकारी और एसडीएम पुलिस टीम के साथ बडग़ांव मामले की जांच करेंगे। आपके पास जो भी साक्ष्य हैं, हमें उपलब्ध कराइए।

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