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क्षमता 320 की, जेल में कैदी हैं 510, नई जेल के लिए भेजा प्रस्ताव

Updated: IST Mandsaur News
जेल में विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदियों सहित कुल 510 कैदी हैं। इन 510 कैदियों में 490 पुरूष व 20 महिला कैदी हैं। कुल कैदियों में से 134 सजायाफ्ता और शेष विचाराधीन कैदी हैं।

मंदसौर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा ने जिला जेल मंदसौर का संयुक्त निरीक्षण किया। यहां जेल अधीक्षक पीएल लबाना ने बताया कि जिला जेल की क्षमता 320 कैदियों की हैं। परंतु फिलहाल जिला जेल में विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदियों सहित कुल 510 कैदी हैं। इन 510 कैदियों में 490 पुरूष व 20 महिला कैदी हैं। कुल कैदियों में से 134 सजायाफ्ता और शेष विचाराधीन कैदी हैं।

जेल अधीक्षक ने अधिकारियों को बताया कि जिला जेल में स्थल की बेहद कमी होने तथा बंदियों की संख्या क्षमता से अधिक (ओवर क्राउडिंग) है। उन्होंने बताया कि मंदसौर में नई जेल का प्रस्ताव राज्य शासन को भेज दिया गया है, मंजूरी आना शेष है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि कलेक्टर व एसपी जिला जेल का संयुक्त निरीक्षण अवश्य करें। निर्देशों के पालन में ही जिला जेल का संयुक्त निरीक्षण किया गया।

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सेक्टर्स और हर बैरक में भी गए

कलेक्टर सिंह ने जेल अधीक्षक को सभी कैदियों को विशेष तौर पर महिला कैदियों को स्वरोजगारी प्रशिक्षण दिलवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कैदियों को रोजाना इस तरह के प्रशिक्षण दिलाए जाएं, कि जेल से रिहा होने के बाद वे सम्मानजनक रोजगार के जरिए अपनी आजीविका चला सकें। भ्रमण के दौरान कलेक्टर सिंह एवं एसपी शर्मा ने जेल में बंदियों से मुलाकात कक्ष, भंडार कक्ष, भोजन कक्ष (रसोई), प्रशिक्षण कक्ष, महिला बंदीगृह, सुविधाघर, जेल परिसर की सभी दीवारों की ऊंचाई, ओपन एरिया, वीडियों क्रांफ्रेसिंग कक्ष का मुआयना किया। वे प्रत्येक सेक्टर्स और हर बैरक में भी गए। रसोई कक्ष में बंदियों को दिए जाने वाले खाने का भी मुआयना किया। बंदियों से रूबरू बात की, दाल-सब्जी के अलावा रोटी की साईज भी देखी। सजायाफ्ता कैदियों में से पुराने कैदियों ने पैरोल की मांग की। इस पर कलेक्टर सिंह ने उन्हें बताया कि पुलिस बन्दोबस्त के बाद ही पैरोल दिया जा सकता है।

नाश्ता व दोनों वक्त का खाना दिया जाता

जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में मौजूद सभी बंदियों को नाश्ता व दोनों वक्त का खाना दिया जाता है। उन्होंने बताया कि कैदियों के मनोरंजन के लिए जेल में टीवी तो है ही, टेलिफोन की सुविधा भी है। परिजनों से पात्रतानुसार तय अवधि तक मुलाकात भी कराई जाती है। बताया गया कि जेल परिसर में 10 महिला कैदी और करीब 40 पुरूष कैदी सिलाई- कढाई का प्रशिक्षण ले रहे हैं। जिला जेल में मौजूद शासकीय सेवकों से उनके कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने जेल अधीक्षक को बंदियों की सुरक्षा, उनके कल्याण और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अर्जुनसिंह डाबर भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सिंह ने जिला जेल के रजिस्टर्स आदि पर हस्ताक्षर किए, निरीक्षण टीप भी लिखी।

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