Patrika Hindi News

 बंधुआ मजदूरी कराता था, तंग होकर ट्रेन में बैठ भाग निकले

Updated: IST Mandsaur News
शामगढ़ आरपीएफ ने उतारा और चाइल्ड लाइन को सुपूर्द किया, बिहार के दरभंगा जिले के है तीनों बच्चे।

गरोठ (मंदसौर)।जयपुर से मुंबई को जाने वाली गाड़ी संख्या 12956 में मंगलवार रात करीब 8 बजे शामगढ़ रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की चेकिंग के दौरान ट्रेन में तीन बच्चे बिना टिकट यात्रा कर रहे थे। उन्हें यह तक नहीं पता था कि उन्हें जाना कहां है। इस पर आरपीएफ द्वारा तीनों बच्चों को शामगढ़ रेलवे स्टेशन पर उतारा। बच्चों से जानकारी लेने पर तीनों बच्चे अनाथ पाए गए। जिस पर आरपीएफ एसआई आरके यादव ने चाइल्ड लाईन को फोन कर सूचित किया। इसके बाद बुधवार दोपहर करीब 1 बजे मंदसौर चाईल्ड लाईन की टीम शामगढ़ पहुंची। जहां आरपीएफ द्वारा तीनों बच्चों को चाइल्ड लाईन के सुपुर्द किया।

बिहार के दरभंगा जिले के हैं बच्चे

पूछताछ में मोहम्मद दिलशाद (12), मोहम्मद अरमान (12) और प्यारे (7) ने चाइल्ड लाइन को बताया कि वे बिहार के दरभंगा जिले के रतनपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्हें 1 महीने पहले जयपुर का कोई चूड़ी व्यापारी ले गया था जो अपने चूड़ी कारखाने में सुबह 4 बजे से रात 11 बजे तक काम करता था। जरा सी गलती पर बेरहमी से मारपीट करते थे। 50 रूपए सप्ताह में बंधुआ मजदूरी करना पड़ रही थी। तंग आकर मंगलवार को तीनों बच्चे जयपुर- मुंबई ट्रेन में बैठकर भाग निकले। उनके साथ 2 अन्य बच्चे भी काम करते थे। बच्चे उस व्यक्ति का नाम नहीं जानते हैं। चाईल्ड लाइन ने बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। जहां महिला सशक्तिकरण अधिकारी रविंद्र महाजन द्वारा बच्चो से पूछताछ कर दरभंगा चाईल्ड लाइन से उनके परिजनों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए।

नहीं हैं सिर पर मां-बाप का साया

बच्चों ने आरपीएफ के अधिकारियों को बताया कि वे तीनों भाई हैं। जिनके पिता का नाम एजुल अंसारी और माता का नाम तेमुल खातून निवासी रतनपुर गांव जिला दरभंगा बिहार के हैं। बच्चों ने यह भी बताया कि उनके माता-पिता की मौत हो चुकी है।

बच्चों को सौंपा

मंगलवार रात ही चाईल्ड लाईन को फोन कर दिया था, लेकिन देरी हो जाने के कारण वे बुधवार सुबह पहुंचे। तीनों बच्चों को उन्हें सौंप दिया है।

- आरके यादव, एसआई, आरपीएफ शामगढ़

अन्य बच्चों को मुक्त कराया जाएगा

बच्चों की निशानदेही के आधार पर जयपुर स्थित चूड़ी फैक्ट्री से अन्य बच्चों को मुक्त कराया जाएगा एवं नियोजक पर बालश्रम निषेध कानून एवं जेजे एक्ट के प्रावधानों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। बच्चों को उनके परिवार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

- राघवेंद्र शर्मा, बाल संरक्षण अधिकारी

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???