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मिलिट्री राइफल निर्माता कंपनी ने भारत को कहा- भ्रष्ट, तोड़ेगी डील

Updated: IST asault rifle
जर्मन हथियार निर्माता हेकलर एंड कोच अब भ्रष्ट, अलोकतांत्रिक देशों को हथियार नहीं बेचेगी

नई दिल्ली। जर्मन हथियार निर्माता हेकलर एंड कोच अब भ्रष्ट, अलोकतांत्रिक देशों को हथियार नहीं बेचेगी। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कंपनी अब सिर्फ लोकतांत्रिक व नाटो देशों को ही हथियार बेचेगी।

हैंडगन, मिलिट्री राइफल और सबमशीन गन बनाने वाली कंपनी हेकलर एंड कोच ने नई नीति अपनाई है। कंपनी का कहना है कि ऐसे देशों (भ्रष्ट व अलोकतांत्रिक) को हथियार निर्यात करने के लिए सरकार से मंजूरी लेना मुश्किल होता है।

इस बदलाव से भारत, सऊदी अरब, मैक्सिको, ब्राजील और यहां तक कि नाटो सदस्य तुर्की के साथ कंपनी की हथियारों की डील खत्म हो जाएगी। कंपनी ने कहा कि हम केवल स्थिर व पूर्ण लोकतांत्रिक देशों और नाटो सदस्य देशों को ही अब हथियार बेचेगे। कंपनी अब सिर्फ ग्रीन लिस्ट वाले देश या जो इस मापदंड को पूरा करते हैं उन्हें ही हथियार बेचेगी।

कंपनी की एसाल्ट राइफल से ही मारा गया था लादेन

जर्मनी दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा हथियार निर्यात करने वाला देश है। हेकलर एंड कोच अमरीकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाली एसाल्ट राइफल का निर्माण करती है। अमरीकी सेना ने इसी एसाल्ट राइफल से आतंकी ओसामा बिन लादेन को मारा था। दक्षिण पश्चिम जर्मनी में स्थित कंपनी को मैक्सिको को पिछले साल अवैध तरीके से हथियार निर्यात करने पर काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। कंपनी ने उन राज्यों में 4800 गनों की आपूर्ति की जहां की पुलिस काफी भ्रष्ट मानी जाती है।

इमेज सुधारने के लिए उठाया कदम

हेकलर एंड कोच के मैनेजर ने बताया कि कंपनी ऐसा कदम अपनी इमेज को सुधारने के लिए उठा रही है। कंपनी ने पिछले साल सऊदी अरब को गन पाट्र्स निर्यात करने पर जर्मन सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया था। कंपनी को मंजूरी के लिए दो साल से ज्यादा का इंतजार करना पड़ा। गौरतलब है कि वर्ष 2008 में जर्मनी ने सऊदी अरब से विवादास्पद डील की थी।

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