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बेटी ने पीएम मोदी से पूछा- बीमार पिता को छोड़कर कैसे एटीएम की लाइन में लगूं

Updated: IST cancer ridden father daughter tweets modi for help
आगरा की रहने वाली एक लड़की ने अपने बीमार पिता के इलाज के लिए पीएम मोदी और यूपी के सीएम अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाई है..

आगरा: आगरा की रहने वाली एक लड़की ने अपने बीमार पिता के इलाज के लिए पीएम मोदी और यूपी के सीएम अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित लड़की ने ट्विटर पर लिखकर कहा कि वो अपने कैंसर पीड़ित पिता को घर पर अकेला छोड़कर बैंक-एटीएम की लंबी कतारों में खड़ी नहीं हो सकती है।

मामले को गम्भीरता से लेते हुए यूपी के अखिलेश यादव ने आगरा के डीएम गौरव दयाल को पीड़ित की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया है।

आगरा में रहने वाली जूही (25) के पिता नित्य प्रकाश (52) को मुंह का कैंसर है। जूही का कहना है कि वो पिछले 3 महीने से आर्थिक तंगी का सामना कर रही हैं, लेकिन अब तो नोटबंदी के कारण उनकी परेशानियां और ज्‍यादा बढ़ गई हैं।

जूही के मुताबिक, नोटबंदी के कारण बैंकों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी हैं, जिससे वह बैंक से पैसा नहीं निकाल पा रही हैं और परेशान हैं।

मां के बाद अब पिता को नहीं खोना चाहती-

एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में जूही ने बताया, ‘मैं अपने बीमार पिता को घर पर छोड़कर घंटों कतार में नहीं लग सकती हूं।’ मैं अपने परिवार में अकेली हूं और अपने बीमार पिता की देखभाल कर रही हूं। 3 साल पहले मेरी मां की मौत हो चुकी है। मेरे 2 भाई भी हैं, लेकिन उनमें से एक खुद ही बहुत बीमार है और हरिद्वार के एक आश्रम में उसका इलाज चल रहा है।

दूसरा भाई एक निजी फर्म में नौकरी करता है, लेकिन उसे नौकरी पर जाना पड़ता है। उसे मिलनी वाली सैलरी से ही घर चलता है। मेरी मां की मौत भी कैंसर के ही कारण हुई थी और अब मैं अपने पिता को नहीं खोना चाहती हूं।

पिता ने जो पैसे बचाए, वो भी नहीं निकाल पा रही हूं-

जूही ने बताया, ‘मेर पिता जूते का बिजनेस करते थे। उनका काम बहुत अच्छा चल रहा था।’ लेकिन जब मेरी मां को कैंसर हुआ, तो परिवार की स्थितियां बदल गईं। उनके इलाज पर काफी पैसा खर्च हो गया।

हम जीरो बैलेंस वाले बैंक खाते पर आ गए। पिता ने कुछ पैसे बचाए थे, लेकिन अब मैं उन पैसों भी नहीं निकाल पा रही हूं। हम पिता के ऑपरेशन का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं है, लेकिन महीने में 6-7 हजार की दवाओं का खर्च उठा लेते हैं।

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