Patrika Hindi News

H-1B वीजा मामला: जेटली बोले - भारतीय हितों का ख्‍याल रखे अमरीका

Updated: IST
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अमरीका के अपने वर्तमान दौरे में अमेरिकी प्रशासन से एच-1बी वीजा के मुद्दे पर चर्चा की है। वित्त मंत्री नेउम्मीद जताई कि अमरीकी प्रशासन कोई भी फैसला लेते हुए इस पहलू पर गौर करेगा।

वाशिंगटन। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अमरीका के अपने वर्तमान दौरे में अमेरिकी प्रशासन से एच-1बी वीजा के मुद्दे पर चर्चा की है। भारतीय वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, जेटली ने अमरीकी वाणिज्य मंत्री विलबर रोस से मुलाकात में इस मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने हाल के कार्यकारी आदेशों का जिक्र किया, जिसमें एच-1बी वीजा पर सख्ती के संकेत मिल रहे थे। बयान के अुनसार, वित्त मंत्री ने अमरीकी अर्थव्यवस्था में कुशल भारतीय पेशेवरों के योगदान को रेखांकित किया और उम्मीद जताई कि अमरीकी प्रशासन कोई भी फैसला लेते हुए इस पहलू पर गौर करेगा।

पांच दिवसीय अमरीकी यात्रा पर हैं जेटली
जेटली अमरीका की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं, जहां वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की बैठकों में भाग लेंगे। भारतीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने मीडिया से कहा कि अमरीका ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भारत को एक निश्चित संख्या में एच-1बी वीजा देने का वादा किया था और हम चाहते हैं कि अमरीका यह वादा निभाए।

अमरीकी कंपनियों पर भी पड़ेगा असर
सीतारमण ने कहा कि केवल अमरीका ही नहीं, कई देश ऐसे (प्रतिबंधात्मक) कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधात्मक वीजा व्यवस्था से भारत में संचालित अमरीकी कंपनियों पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह एकतरफा मुद्दा नहीं है, जिससे भारतीय कंपनियां प्रभावित होंगी..बल्कि भारत में भी कई अमरीकी कंपनियां हैं जो सालों से यहां व्यापार कर रही हैं।

सुरक्षात्मक कदम उठा रहे कई देश
हाल में अमरीका की ओर से अपने वीजा कार्यक्रम की समीक्षा करने के आदेश देने और आस्ट्रेलिया की ओर से अस्थायी वीजा कार्यक्रम, 457 वीजा को रद्द करने का उदाहरण देते हुए सीतारमण ने कहा कि कई देश अब सेवा व्यापार के मद्देनजर स्पष्ट रूप से सुरक्षात्मक कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं कुशल पेशेवरों की शरणार्थियों से तुलना करने का विरोध करती हूं।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???