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इस साल भी हज यात्रा पर जारी रहेगी सब्सिडी - नकवी 

Updated: IST mukhtar abbas naqvi
उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद ही सरकार सब्सिडी जारी रखने या नहीं रखने के बारे में कोई फैसला लेगी।

नई दिल्ली। अल्पसंख्यक मामलों के केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा वर्ष में हज सब्सिडी हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। नकवी ने कहा कि सरकार ने उस प्रस्ताव की जांच करने के लिए छह सदस्यीय एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है जिसमें कहा गया है कि सब्सिडी जारी रखी जाये या नहीं और यदि इसे बंद किया जाये तो तीर्थयात्रियों पर इसका कितना बोझ पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद ही सरकार सब्सिडी जारी रखने या नहीं रखने के बारे में कोई फैसला लेगी। हालांकि उन्होंने कहा कि इस वर्ष की हज यात्रा के लिए सब्सिडी को बंद नहीं किया जायेगा। अल्पसंख्यक मंत्रालय ने 6 सदस्ययी कमिटी बनाने का फैसला किया है जो यह देखेगी कि बिना सरकारी सब्सिडी के भी इसे और सस्ती कैसे बनाया जाए। साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से 10 वर्षों में हज सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से हटाने के रास्ते निकालने को कहा था।

मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक ऐसा नहीं है कि हम सब्सिडी खत्म करना चाहते हैं। कमिटी यह देखेगी कि सब्सिडी का सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल कैसे हो सकता है। वह यह भी देखेगी कि किस तरह से हज यात्री कम लागत या बिना सब्सिडी के यात्रा कर सकते हैं। साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को यह कहते हुए 10 साल में सब्सिडी हटाने का आदेश दिया था कि यह पैसा मुस्लिम समुदाय के सामाजिक और शैक्षणिक विकास में खर्च किया जा सकता है। इसके बाद तत्कालीन सरकार ने कहा था कि हज यात्रा का दायित्व प्राइवेट एयरलाइंसों को देने से हज यात्री बाजारू ताकतों के हाथों में पहुंच जाएंगे। इससे उन्हें मनमाने दामों पर किराए देने होंगे।

जस्टिस आफताब आलम की बेंच ने कहा कि 1 लाख से ज्यादा लोग हज पर जाते हैं कोई भी एयरलाइंस इसके लिए कम किराए की पेशकश कर सकता है। इत्तेफाक से अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकली की सऊदी अरब यात्रा के बाद उसने भारत का जो 20 प्रतिशत हज कोटा काटा था, उसे बहाल कर दिया। इसके बाद भारत से हज पर जाने वाले यात्रियों की संख्या 1.75 लाख तक जा सकती है। हालांकि सरकार इसके बारे में लोगों को जल्द बताना चाहती है, लेकिन हज सब्सिडी को हटाने के बारे में बताने से यूपी विधानसभा चुनावों में उसे परेशानी हो सकती है। राज्य में करीब 20 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है।

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