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कुलभूषण मामला: भारत ने ICJ में कहा पाक कर रहा उल्लंघन, स्थिति बेहद गंभीर

Updated: IST kulbhushan jadhav
पाकिस्तान में कथित रूप से फांसी की सजा पाए भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में सुनवाई शुरू हो गई है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने जाधव केस को वियना संधि का उल्लंघन किया है।

नई दिल्ली।पाकिस्तान की सैन्य अदालत की तरफ से भारत के पूर्व नेवी ऑफिसर कुलभूषण जाधव को सुनाई गई मौत की सज़ा पर नीदरलैंड स्थित हेग के इंटरनेशनल कोर्ट में सुनवाई सोमवार से शुरू हो गई है। भारत ने सबसे पहले जिरह करते हुए केस में अपनी तरफ से तथ्यों को सामने रखते हुए कुलभूषण जाधव केस को वियना संधि का उल्लंघन करार दिया।

जाधव को दी जा सकती है फांसी
भारत के वकील हरीश साल्वे ने अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में कहा कि उनके देश को अंदेशा है कि सुनवाई पूरी होने से पहले भारत के नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी दी जा सकती है। साल्वे ने कहा कि जाधव को तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था और जासूसी एवं विध्वंसक गतिविधियों के आरोपों में उन्हें सजाए मौत सुनाई गई है। उनसे जब इकबालिया बयान दिलवाया गया , जब वह पाकिस्तान की सैन्य हिरासत में थे।

पाकिस्तान ने मानवाधिकार का उल्लंघन किया-भारत
टरनेशनल कोर्ट के सामने भारत की तरफ से केस का प्रतिनिधित्व कर रहे दीपक मित्तल ने जाधव पर लगे आरोपों को मनगढ़ंत और पूरी ट्रायल को हास्यास्पद करार दिया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार सबसे आधारभूत चीज है लेकिन पाकिस्तान ने जाधव केस में इसकी धज्जियां उड़ा कर रख दी है और जितनी भी बार उससे कांसुलर एक्सेस की मांग की गई उसने अनसुना कर दिया।

पाकिस्तान नियमों का नहीं पालन कर रहा-भारत
उन्होंने कहा कि वियना संधि के तहत कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति को पकड़ा जाता है, तो दोनों देशों में उसे राजनियक नियमों के तहत मदद मिलेगी, इसका उल्लेख आर्टिकल 36 में भी हुआ है। भारत किसी अन्य देश की न्यायिक व्यवस्था में हस्तेक्षेप नहीं कर रहा है, हम सिर्फ अंतरराष्ट्रीय नियमों की बात कर रहे हैं। पाकिस्तान को नियमों का पालन करना ही होगा।

16 आग्रह ठुकरा दिए गए
भारत ने आठ मई को पाकिस्तान पर कूटनीतिक रिश्तों पर वियेना कन्वेंशन का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए सजाए मौत तत्काल निलंबित करने का आह्वान किया और कहा कि पाकिस्तान ने जाधव की कूटनीतिक पहुंच के उसके 16 आग्रह ठुकरा दिए।

भारत ने कहा कि मौजूदा परिस्थिति बहुत गंभीर
साल्वे ने अदालत से कहा कि मौजूदा परिस्थिति बहुत गंभीर है और यही कारण है कि भारत आईसीजे की भागीदारी चाहता है. उन्होंने पाकिस्तान में जाधव के खिलाफ सुनवाई प्रक्रिया को च्च्हास्यास्पदज्ज् बताया और कहा कि पाकिस्तान ने अपने बेटे से मिलने के जाधव की मां के आग्रह का जवाब नहीं दिया।

क्या है मामला
पाकिस्तान ने भारत के पूर्व नौसैन्य अधिकारी कुलभूषण जाधव को 3 मार्च 2016 को जासूसी के शक में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था। करीब एक साल बाद 10 अप्रैल को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी। भारत ने इसका कड़ा विरोध किया और पाकिस्तान पर मनमानी करने का आरोप लगाया था।

18 साल बाद आमने-सामने भारत-पाक
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भारत और पाकिस्तान करीब 18 साल बाद आमने-सामने हैं। इससे पहले पाकिस्तान 1999 में भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत पहुंचा था। तब पाकिस्तान ने भारत पर अपने एक टोही विमान को मार गिराने का आरोप लगाया था। इसमें 16 सैनिकों की मौत हुई थी। न्यायालय की 16 जजों की पीठ ने 21 जून 2000 को 14-2 से पाकिस्तान के आरोप को खारिज कर दिया था।

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