Patrika Hindi News

नोटबंदी की परेशानी खत्म करें या इस्तीफा दें मोदी : किसान सभा

Updated: IST Narendra Modi
बयान के मुताबिक, बैंकों या एटीएम से पैसे निकालने पर लगी सभी पाबंदियों को सरकार को हटा देना चाहिए या मोदी को इस्तीफा दे देना चाहिए

नई दिल्ली। अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या तो इस्तीफा दें या नोटबंदी के कारण हो रही परेशानी खत्म करने के लिए तत्काल कदम उठाएं। एआईकेएस ने एक बयान में कहा कि जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, लोगों को पुराने नोटों को चलाने की मंजूरी देने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए, ताकि आम जन की परेशानियां दूर हों।

बयान के मुताबिक, बैंकों या एटीएम से पैसे निकालने पर लगी सभी पाबंदियों को सरकार को हटा देना चाहिए या मोदी को इस्तीफा दे देना चाहिए। बयान में आठ नवंबर को केंद्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी को कॉरपोरेट घरानों को बचाने के लिए एक पूर्वनियोजित कदम करार दिया गया है।

सभा ने कहा, नोटबंदी का उद्देश्य न तो काले धन पर लगाम लगाना है और न तो देश को नकदी रहित समाज में तब्दील करना है, जैसा कि मोदी ने दावा किया है। एआईकेएस ने दावा किया है कि 240 कॉरपोरेट संस्थान या शीर्ष 500 कंपनियों में से 48 फीसदी के पास 12.4 लाख करोड़ रुपये का बकाया है, जिसके कारण वे सस्टेनेबल स्ट्रक्चरिंग ऑफ स्टे्रस्ड एसेट्स (एस4ए) योजना से बाहर निकलने के खतरे का सामना कर रहे हैं।

बढ़ते बुरे ऋण के कारण सरकारी बैंक भी गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। सभा ने कहा, बीते 21 दिनों में आम जनों ने सरकारी बैंकों में 9.35 लाख करोड़ रुपये जमा कराए हैं। बैंक कर्मचारियों का मानना है कि रद्द हो चुकी लगभग 90-95 फीसदी करेंसी बैंकों में जमा होंगे।

एआईकेएस ने कहा कि सरकार आम जनों का पैसे देने को तैयार नहीं है, जबकि दूसरी ओर वह कॉरपोरेट घरानों के ऋण माफ कर रही है। सभा ने कहा, लोग आर्थिक व वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं और लोगों को इसके तत्काल अंत होने की उम्मीद नहीं है। एआईकेएस ने कहा, ऐसा लगता है कि सरकार तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का देश के वित्तीय प्रबंधन पर नियंत्रण समाप्त हो गया है।

यह भी पढ़े :
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
LIVE CRICKET SCORE

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???