Patrika Hindi News

> > > Yashwant grated dig at Modi, said friendships are expanding the work

यशवंत ने कसा पीएम मोदी पर तंज, कहा- दोस्ती का दायरा बढ़ाने से हो जाते हैं काम

Updated: IST yashwant sinha
पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी को लेकर संसद में बने गतिरोध पर कहा कि यदि मित्रता का दायरा बड़ा हो तो कई समस्याएं खुद-ब-खुद हल हो जाती हैं।

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी को लेकर संसद में बने गतिरोध पर मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व का हवाला देकर कहा कि यदि मित्रता का दायरा बड़ा हो तो कई समस्याएं खुद-ब-खुद हल हो जाती हैं।

सिन्हा ने दिग्विजय सिंह स्मृति व्याख्यान में अपने अध्यक्षीय भाषण में परोक्ष रूप से प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा, 'यदि हम खुद को पार्टियों के घरौंदों में कैद करके न रहे और मित्रता का दायरा बड़ा करें तो दोस्ती की बदौलत बहुत से काम स्वतः हो जाते हैं। यदि हम मित्रता का दायरा सीमित रखेंगे तो संसद में भी इंसानियत नहीं पैदा कर पायेंगे।'

सिन्हा ने हालांकि अपने भाषण में मोदी का नाम नहीं लिया। उन्होंने पूर्व विदेश राज्य मंत्री दिग्विजय सिंह के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उन दोनों ने ‘चंद्रशेखर विद्यालय‘ से राजनीति की शिक्षा हासिल की थी और राजनीति में उन्हीं के मूल्यों को ग्रहण किया। चंद्रशेखर और वाजपेयी दोनों महान व्यक्ति थे और दोनों का मित्रता का दायरा भी बहुत बड़ा था।

पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने पाकिस्तान और चीन के साथ सम्बन्धों में पूरी सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ सम्बन्ध में राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखना होगा। पाकिस्तान के साथ सम्बन्ध में यही बात आड़े आती है। जनरल कमर जावेद बाजवा के वहां के नये सैन्य प्रमुख बनने पर भारत के साथ रिश्तों में सुधार की उम्मीदों को निराधार बताते हुए सिन्हा ने कहा कि नगरोटा में मंगलवार को हुए हमले से यह बात साबित हो गयी।

चीन के 46 अरब डालर के आर्थिक गलियारे का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या हम वाकई पाकिस्तान को वैश्विक रूप से अलग-थलग कर सके हैं। रूस के इसमें शामिल होने की खबरों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ रूस के दोस्ताना सम्बन्ध के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था। उन्होंने कहा कि भारत एक साथ सारे मोर्चे नहीं खोल सकता है। इसलिए दोस्त के साथ दुश्मन भी सावधानी से चुनना होगा।

सिन्हा ने कहा कि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) देशों के साथ सम्बन्ध में भारत को स्पष्ट करना होगा कि व्यापार और आर्थिक क्षेत्र में वह मदद को तैयार है लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगा।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???