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Movie Review: वाकई काबिले तारीफ है 'काबिल', जानें क्या खास है इसमें

Updated: IST kaabil
स्टार कास्ट: ऋतिक रोशन, यामी गौतम, रोनित रॉय, रोहित रॉय, नरेंद्र झा, रेटिंग: 4/5

निर्माता: राकेश रोशन
डायरेक्शन: संजय गुप्ता
संगीतकार: राजेश रोशन

मुंबई। अभिनेता ऋतिक रोशन का कॅरियर डांबाडोल था। पिछली फिल्म मोहेन जोदाड़ो बॉक् ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही थी, ऐसे में उनकी हाल ही रिलीज हुई फिल्म काबिल पर सबकी नजरें टिकी थीं। इस फिल्म से ऋतिक को भी काफी उम्मीदें हैं। अब जब फिल्म रिलीज हो गई है, तो वो अपने फैंस की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरे उतरे हैं। उन्होंने इस फिलम में ऐसा अभिनय किया है, जिसे दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे। संजय गुप्ता के डायरेक्शन में पहली बार ऋतिक रोशन की फिल्म रिलीज हुई है। इसके प्रोड्यूसर राकेश रोशन हैं। राकेश रोशन ने अपने बेटे ऋतिक के लिए कहो ना प्यार है, कोई मिल गया, कृष, काइट्स जैसी फिल्में बनाई हैं। हम आपको बता दें कि ऋतिक की होम प्रोडक्शन की लगभग सभी फिल्में हिट रही हैं।

काबिल की कहानी...
फिल्म की कहानी रोहन भटनागर (ऋतिक रोशन) और सुप्रिया शर्मा की है। जो देख नहीं सकते हैं। दोनों मिलते हैं और एक-दूसरे का सहारा बनते हैं। शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा होता है, लेकिन तभी अचानक इनकी अंधेरी दुनिया में हलचल मच जाती है। जब गुंडा अमित शेलार (रोहित रॉय) और उसका साथी वसीम (सहीदुर रहमान) साथ मिलकर सुप्रिया का रेप करते हैं। इंसाफ के लिए दोनों पुलिस के पास जाते हैं, लेकिन पुलिस उनके लिए कुछ नहीं करती है, क्योंकि अमित का भाई माधवराव शेलार (रॉनित रॉय) एक पहुंचा हुआ आदमी है, जिसके पास पैसा और पॉवर दोनों ही है।

रेप के बाद सुप्रिया काफी टूट चुकी होती है और वो आत्महत्या कर लेती है। कहानी में ट्विस्ट यहीं से शुरू होता है। इस घटना के बाद रोहन कानून को अपने हाथ में लेता है और सबसे बदला। लेकिन जिस अंदाज में रोहन दोषियों को सजा देता है, वह सच में काबिले तारीफ है। इस खेल में किसकी जीत होती है इसके लिए आपको सिनेमा हाल तक जाना होगा। फिल्म को देखना होगा। बदले की भावना में ऋतिक ने बखूबी अपनी काबिलियत साबित की है। उनका अभिनय दिल को छूता है।

अभिनय...
यदि ऋतिक की एक्टिंग की बात करें, तो एक बार फिर उन्होंने काबिले तारीफ एक्टिंग की है, उन्होंने पर्दे पर एक ना देख पाने वाले व्यक्ति की तरह एक्टिंग की है। पर्दे पर किरदार को जिया है और उसे हू-ब-हू उतारा है। यामी गौतम ने भी फिल्म में ऋतिक को अपने अभिनय से टक्कर दी है। वहीं फिल्म में नेगटिव रोल प्ले कर रहे रोहित और रॉनित रॉय ने दमदार एक्टिंग की है।

गीत-संगीत...
फिल्म में राजेश रोशन का संगीत प्रभावी है। इसके दो गाने सारा जमाना और दिल क्‍या करे का नया अवतार लोगों को काफी पसंद आया है। फिल्म खत्म होने के बाद लोगों की जुवां पे ये गाने सुनाई देते हैं।

क्यों देखें...
इस फिल्म को देखने के लिए एक खासियत नहीं, बल्कि कई सारी हैं। जैसे-

-ऋतिक रोशन की बेहतरीन अदाकारी, जो दिल को छूती है।

- यामी गौतम और ऋतिक ने दिव्यांग किरदार को बखूबी निभाया।

फिल्म की पृष्ठभूमि के बारे में पता होने के बाद भी फिल्म देखते वक्त बोर नहीं करता। यही फिल्म का यूएसपी है।

- फिल्म के गानों की खासियत है कि वो कहानी को आगे बढ़ाते हैं।

- फिल्म की सिनोमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर उम्दा है, जिसमें संजय गुप्ता माहिर हैं।

- फिल्म में दिव्यांग के हिसाब से रिसर्च वर्क ठीक है, जैसे पैसों की समझ, सुनने की परख, खाना पकाना आदि। साथ ही दिव्यांग इंसान की बदला लेने की प्लानिंग दिलचस्पी बनाए रखती है।

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