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मुजफ्फरपुर के अस्पताल में दंगा, डॉक्टर और ग्रामीण आमने-सामने

Updated: IST Bihar news, Riot news, Muzaffarpur hospital, muzaf
सरकारी अस्पतालों में सुधार के नीतीश कुमार सरकार के दावों की पोल खोलते हुए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों की दबंगई से अस्पताल रणक्षेत्र बन गया...

मुजफ्फरपुर। सरकारी अस्पतालों में सुधार के नीतीश कुमार सरकार के दावों की पोल खोलते हुए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों की दबंगई से अस्पताल रणक्षेत्र बन गया। मारपीट और आगजनी के तांडव से वीभत्स बने हालात के कारण पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। अस्पताल के एक हिस्से और पांच एंबुलेंसों में आग लगा दी गई। मारपीट में दो जूनियर डॉक्टर और कई ग्रामीण जख्मी हुए हैं।

एडीजी सुनील कुमार ने स्थिति नियंत्रित होने का दावा किया है। बेतिया से देर रात ढाई बजे इलाज के लिए आए एक गंभीर रूप से बीमार मरीज के इलाज को लेकर हुई। ड्यूटी में तैनात जूनियर डॉक्टरों ने जगह नहीं होने की बात कहकर इलाज से मना कर दिया। मरीज की गंभीर हालत के चलते परिजनों के गिड़गिड़ाने से डॉक्टर और बदसलूकी पर उतर आए और उसे धक्का दे दिया। परिजनों के साथ मारपीट की गई।

मरीज की इसी दौरान मौत हो गई। इससे परिजन उग्र हो गए। जूनियर डॉक्टरों को इसके बाद भी तरस नहीं आई। उग्र डॉक्टरों ने हंगामा शुरू कर दिया। देर रात से सुबह तक अस्पताल में तोडफ़ोड़ और आगजनी की गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जूनियर डॉक्टरों ने न सिर्फ मारपीट की बल्कि पांच एंबुलेंसों में आग लगा डाली और कई के शीशे तोड़ डाले।

बाद में आसपास के ग्रामीण जमा होने लगे तो माजरा समझते ही सब उग्र हो गए और अस्पताल परिसर में खदेड़कर जूनियर डॉक्टरों की पिटाई शुरू कर दी। ग्रामीणों ने हॉस्टल में घुसकर डॉक्टरों की जमकर पिटाई कर डाली। दो बाइकों में भी आग लगा दी। ग्रामीणों के हमले में एक डॉक्टर गंभीर रूप से जख्मी हो गया।

मौके पर घंटों बाद पहुंची पुलिस ने उग्र लोगों को खदेड़ते हुए लाठीचार्ज किया जिसमें कई ग्रामीण जख्मी हो गए। सड़क पर मोर्चा लिए ग्रामीणों की ओर से फायरिंग भी की गई। बड़ी संख्या में मोर्चा लिए पुलिस बल की ओर से हालात काबू में होने का दावा किया जा रहा है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की बिहार इकाई के उपाध्यक्ष्ज्ञ डॉ० अजय कुमार ने डॉक्टरों की सुरक्षा का सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रीज सुरक्षा की तरह मेडिकल कॉलेजों में भी पर्याप्त सुरक्षा की जानी चाहिए। मुजफ्फरपुर के भाजपा विधायक सुरेश शर्मा ने जूनियर डॉक्टरों की दादागिरी पर लगाम लगाने और अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि एसकेएमसीएच में बेड नहीं है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, नर्स और दूसरे स्टाफ नहीं हैं। मरीजों का न तो इलाज हो पाता है न ही उन्हें दवाएं दी जाती हैं। इन सबके चलते आए दिन अस्पताल में मारपीट और हंगामा होता रहता है।

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