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Shocking: पेड़ों की वजह से घट रही है पक्षियों की संख्या

Updated: IST birds7
एक संगठन ने पक्षियों को बचाने के लिए पेड़ों का विरोध शुरु कर दिया है, कारण जानकर हैरान रह जाएंगे आप

सहारनपुर। नेचुरल इन्वायरलमेंटल अवेयरनेंस सोसायटी के पदाधिकारियाें ने यूकेलिप्टस व पापुलर के विराेध में आस्तीनें चढ़ा ली हैं। इस संगठन के पदाधिकारियाें ने साफ कहा दिया है कि पूरे देश में इन पेड़ की दोनों प्रजातियाें काे प्रतिबंधित किया जाए। यह मांग सहारनपुर के एक इंटर कॉलेज में आयाेजित कार्यक्रम में उठाई गई। यहां सोसायटी के चेयरमैन व भारतीय वन्य जीव संस्थान के भूतपूर्व रिसर्च बायोलॉजिस्ट कमल कश्यप ने कहा कि पक्षियों की घटती जनसंख्या के लिए यूकेलिप्टस व पापुलर की प्रजातियां जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा कि इन दोनों प्रजातियों के वृक्षाें ने समस्त खाद्य श्रृंखला व खाद्य जाल को प्रभावित किया है। लालच में दोनों वृक्षाें काे किसान अपनी जमीन पर लगाते हैं आैर करीब छह से सात साल के भीतर इन्हें काट दिया जाता है। इस पूरे चक्र में नुकसान पशु पक्षियाें का हाेता है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि कई दिनाें की लंबी मेहनत के बाद पशु पक्षी इन वृक्षाें पर अपने घाैंसले बनाते हैं आैर जब कुछ ही साल में इन्हें काट दिया जाता है ताे उनका पूरा परिवार नष्ट हाे जाता है।

उन्होंने कहा कि दाेनाें प्रजाति के वृक्ष भूमि में माैजूद नमी काे भी नष्ट कर देते हैं। उन्हाेंने इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राआें काे यह तथ्य समझाते हुए आह्वान किया कि वह अपने गांव में जाकर अपने आस-पास के लाेगाें काे जागरूक करें ताकि वह दाेनाें प्रजातियाें काे ना लगाएं। लाेगाें काे यह बताएं कि छायादार आैर फलदार वृक्ष लगाकर इस धरती का श्रृंगार करें।

इस माैके पर विद्यालय के प्रबंधक वत्सराज स्वाधीन ने छात्र—छात्राओं को शपथ दिलाई कि जीवन में फलदार व छायादार वृक्ष अवश्य लगाएंगे। कार्यक्रम में सुरेन्द्र राणा, जितेन्द्र कुमार, प्रदीप मेहरा, आसमां, संदीप कुमार, अमित कुमार, अमित सैनी, संजय भट्टी, मंजू त्यागी, संध्या शर्मा, सुनील कुमार, सोनिया पाल, सिमरन चावला, हिना समेत प्रियंका, रमन वालिया, अंजना त्यागी, कोमल त्यागी, विनिता त्यागी अजहर अली आैर विद्यालय का पूरा स्टाफ माैजूद रहा।

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