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सोयाबीन की नई प्रजातियों ने दिया किसानों का साथ

Updated: IST former
माकूल मौसम से सोयाबीन के बंपर उत्पादन की उम्मीद पिछले साल पीला मोजेेक से बर्बाद हो गई थी फसल

नरसिंहपुर। कई सालों से जिले के किसान सोयाबीन में घाटा खा रहे थे पर इस बार तस्वीर पूरी तरह बदली नजर आ रही है। सोयाबीन की कटाई शुरु हो चुकी है और शुरुआती रिपोर्ट बता रही है कि इस बार फसल बेहद अच्छी है। बारिश का मौसम पूरी तरह सोयाबीन की फसल के अनुकूल रहा और कुछ नई किस्मों ने भी किसानों का साथ दिया है।

पास के गांव करकबेल के किसान नारायण सिंह पटेल के खेतों में सोयाबीन की कटाई और थे्रसिंंग चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सम्मानित नारायण पटेल बताते हैं कि उन्हें 1250 किलोग्राम प्रति एकड़ उत्पादन मिला है। आसपास के अन्य गांवों में भी सोयाबीन की ऐसी ही स्थिति सामने आ रही है। ग्राम बेलखेड़ा के नीरेंद्र पटेल को 1200 किग्रा प्रति एकड़, ग्राम चिरचिटा के इंद्रजीत पटेल को 900 किग्रा प्रति एकड़, कृष्णपाल पटेल को 1050 किग्रा प्रति एकड़, बौछार के जीतेश सक्सेना को 1100 किग्रा प्रति एकड़ तथा ग्राम टपरियाँ के कमल सिंह पटेल को 1200 किग्रा प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ है।

गौरतलब है कि विगत कई सालों से सोयाबीन किसानों को नुकसानदायक सिदध हो रहा था। पिछले वर्ष तो जिलेभर में सोयाबीन की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। बोवनी के बाद शुरुआत में बहुत ही अच्छी फसल हुई थी पर बाद में पीलामोजेक रोग के कारण बुरी तरह प्रभावित होकर अंत में पूर्णत: बर्बाद हो गई थी। इसका दुष्परिणाम यह निकला कि इस वर्ष जिले के ज्यादातर किसानों ने सोयाबीन से तौबा कर ली थी। इस साल महज 12 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी की गई थी लेकिन इस वर्ष अभी तक की कटाई के आधार पर अच्छे उत्पादन के आसार हैं। ऐसे में आगामी वर्ष में सोयाबीन का रकवा बढऩे के आसार हैं।

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