Patrika Hindi News

अब चीन ने किया फलों के राजा पर हमला

Updated: IST NMH Aam.JPG
जांच से बचने अब ट्रक में ही पकाया जा रहा है आम,आम पकाने में केल्सियम काबाईड का ही हो रहा है उपयोग,बड़े शहरों में चीन के केमिकल का किया जा रहा उपयोग

नीमच/रतलाम। आम व अन्य फलों को पकाने के लिए चीन से केमिकल आयात किए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इस घातक केमिकल का उपयोग किए जाने से मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इसकी पड़ता शुक्रवार को पत्रिका ने नीमच फल मंडी क्षेत्र में ही। यह पता चला कि चीन के केमिकल का उपयोग तो नहीं हो रहा है, लेकिन प्रतिबंधित केल्सियम कार्बाइड का अवश्य उपयोग किया जा रहा है।

प्रतिबंध के बाद भी हो रहा उपयोग

जिला मुख्यालय पर आम सहित अन्य फलों को पकाने में केल्सियम कार्बाइड का उपयोग किए जाने के प्रमाण मिले हैं। इसके लिए केवल आम या अन्य फल के गोदाम तक पहुंचने भर की आवश्यकता है। वहां चहुंओर फैली केमिकल की गंध से ही इस बात की पुष्टि हो जाती है कि फलों को केमिकल से पकाया जा रहा है। पत्रिका ने शुक्रवार को फल गोदाम पर पहुंच इसका जायजा लिया। वहां एक ट्रक से आम उतारे जा रहे थे। महिलाएं ट्रक के अंदर बैंठी थी और अन्य लोग आम लेकर गोदाम में बिखेर रहे थे। जानकारी लेने में बताया कि अध पके फल ही आयात किए जाते हैं। यहां उन्हें दो-तीन दिन खुले में ढेर लगाकर रखा जाता है। इसके बाद बाजार में बेचने के लिए निकालते हैं। जानकारी लेने पर कर्मचारियों ने तो यह बात स्वीकार नहीं की कि केल्सियम कार्बाइड का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन वहां फैली गंध इस बात का स्वत: प्रमाण दे रही थी कि केमिकल का उपयोग अवश्य हो रहा है।

अप्राकृतिक रूप से पकाया जाता है फलों को

खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारी राजू सोलंकी ने बताया कि फलों को अप्राकृतिक रूप से पकाने के लिए बहुतायत में केल्सियम कार्बाइड का उपयोग किया जाता है। चौकाने वाली बात यह है कि इस केमिकल का उपयोग कर फल पकाने की पुष्टि प्रयोगशाला में नहीं की जा सकती। फल की जांच कराने में उसके भीतर केमिकल मिले होने किसी रूप में पुष्टि नहीं होती है। मई 2014 में शिकायत मिलने पर हमने फल गोदाम की जांच की थी। वहां से बड़ी मात्रा में केल्सियम कार्बाइड जब्त किया गया था। चूंकि पूर्व में फलों की जांच कराई जा चुकी थी इसलिए तब जांच के लिए भी प्रयोगशाला में केवल केमिकल ही भेजा था। जांच में फलों को पकाने में प्रतिबंधित केमिकल का उपयोग होने की पुष्टि होने पर संबंधित थोक व्यापारी पर जुर्माने की कार्रवाई हुई थी।

फलों के बीच रखी जाती है पुडिय़ा

आम या अन्य फलों को पकाने के लिए कैरेट में कागज की एक पुडिय़ा में केल्सियम कार्बाइड भरकर रख दिया जाता है। इसके सम्पर्क में रहने से फल दो-तीन दिन में पूरी तरह पक जाता है। केल्यियम कार्बाइड जैसे ही आक्सीजन के सम्पर्क में आता है गैस के रूप में परिवर्तित हो जाता है। इस गैस के प्रभाव की वजह से फल अप्राकृतिक रूप से पकता है। खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्रवाई के बाद अब बड़े स्तर और खुलेआम तो केल्सियम कार्बाइड का उपयोग नहीं किया जाता, लेकिन गुपचुप तरीके से आज भी इसका उपयोग हो रहा है। कुछ व्यापारियों ने तो जांच से बचने के लिए जहां से फल मंगाए जाते हैं वहीं से ट्रक में केल्सियम कार्बाइड की पुडिय़ा फलों के बीच रखवा दी जाती है। नीमच पहुंचने तक पुडिय़ा गैस बन जाती है और फल भी अध पके से हो जाते हैं। जिन्हें बाद में दो-तीन दिन खुले में रखकर पूरी तरह पका लिया जाता है।

12 हजार रुपए में आता है एक कार्टून

फल मंडी के जानकारों ने बताया कि इन दिनों चीन के किसी केमिकल का फलों को पकाने में बड़ी मात्रा में उपयोग हो रहा है। नीमच में फलों का बाजार काफी सीमित है। इस कारण चीन के केमिकल का उपयोग यहां होना मुमकिन नहीं है। बड़ी मंडियों या फल उत्पादक क्षेत्रों में इसका उपयोग होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। जानकारी में आया है कि चीन के केमिकल के एक डिब्बे के 75 रुपए और एक कार्टून के करीब 12 हजार रुपए लिए जाते हैं। चीन के केमिकल की एक विशेषता है कि इसके उपयोग की पुष्टि तब ही की जा सकती है जब जांचकर्ता व्यक्ति स्वयं अपनी आंखों से किसी व्यक्ति को चायना केमिकल फलों में रखते हुए न देख ले। चायना केमिकल की गंध नहीं आती। पैकिंग ही ऐसी होती है कि इसे पकडऩा मुश्किल होता है। वैसे भी नीमच में इतने महंगे केमिकल के उपयोग लायक फल की नहीं आते हैं। जहां तक केल्सियम कार्बाइड के उपयोग का प्रश्न है तो मंडी व्यापारी इस बात से इंकार नहीं करते कि इसका उपयोग नहीं हो रहा है। यह अवश्य कहते हैं कि पिछले सालों में हुई कार्रवाई के बाद केमिकल उपयोग करने वाले व्यापारियों की संख्या सीमित अवश्य हो गई है।

केल्सियम कार्बाइड के उपयोग से नहीं कर सकते इंकार

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि जिला मुख्यालय पर आम व अन्य फलों को पकाने में केल्यियम कार्बाइड का उपयोग किया जाता है। शिकायत मिलने के आधार पर मैंने मई 2014 में फल मंडी के समीप गोदाम पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में आम पकाने में उपयोग किया जा रहा केल्सियम कार्बाइड जब्त किया था। जहां तक चीन के किसी केमिकल से आम पकाने की बात है तो इस बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं है। नीमच में इतनी बड़ी मात्रा में आम आते भी नहीं है कि व्यापारी उसे पकाने के लिए चीन के केमिकल का उपयोग करें। फिर भी जांच करेंगे।

- राजू सोलंकी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी

अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???