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दूध, टॉफी और लड्ढू पाए गए अमानक

Updated: IST Soldiers being given substandard food
त्योहार के चलते शुरू हुआ सेहत के साथ खिलवाड़, फूड लेब ने दूध सहित अन्य खाद्य प्रदार्थों में मिली मिलावट।

नीमच। जिस दूध, दही को उपभोक्ता महंगे दाम चुकाकर अपने व परिवार के स्वास्थ्य के लिए खरीद रहे हैं। उसमें वह गुणवत्ता है ही नहीं जिससे की शरीर को पौष्टिकता मिले। वहीं दूसरी और बाजार में मिलने वाली टॉफी और मिठाई भी अपनी गुणवत्ता पर खरी नहीं उतर रही है। ऐसे में त्योहार के दौरान की जाने वाली खरीदारी पर उपभोक्ताओं को विशेष ध्यान देना होगा। अन्यथा उन्हें मंहगे दाम भुगतने के साथ बीमार भी होना पड़ सकता है। यह हम नहीं कह रहे हैं। यह पुष्टि हुई है गत दिनों जिलेभर से लिए गए खाद्य प्रदार्थों के सेम्पल की जांच से, इसमें पाया गया कि न तो दूध अपनी गुणवत्ता पर खरा उतरा और न ही नमकीन और न ही मिठाई।

यह प्रदार्थ पाए गए अवमानक

खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सौलंकी व यशवंत शर्मा द्वारा पिछले दिनों शहर सहित अंचल से विभिन्न खाद्य प्रदार्थों के सेम्पल लिए गए थे। जिनकी रिपोर्ट चौकाने वाली आई है। क्योंकि जिस खाद्य सामग्री को लोग बड़े चाव से खरीदकर खाने के लिए ला रहे हैं। वह या तो अपनी गुणवत्ता पर खरी नहीं उतर रही है।

फर्म का नाम सेम्पल का नाम जांच रिपोर्ट

1. शक्ति दूध डेरी, सरवानियां महाराज गाय भैस की मिश्रित दूध अवमानक

2. सूरजमल शांतिलाल, कंचन नगर धनिया पाऊडर अवमानक

3. आनंद कोकेनट पेड़ा बच्चों के खाने का पेड़ा (टॉफी) मिस ब्रांड

4. हरिश नमकीन, नया बाजार मिर्च पाऊडर असुरक्षित अखाद्य रंग

5. धर्मचंद्र रतनलाल होटल बूंदी के लड्ढू असुरक्षित अखाद्य रंग

6. सूरजकरण, चेनपुरिया गाय भैंस का मिश्रित दूध फेड व एसएनएफ की कमी

यह होगी कार्रवाई

सभी संबंधितों को विभाग द्वारा नोटिस दिए गए हैं। इसमें सभी को एक माह का नोटिस दिया गया है, अगर वे चाहे तो एक आवेदन देकर सेम्पल की दोबारा जांच करवा सकते हैं। अगर वे इस एक माह के दौरान कोई आवेदन नहीं करते हैं। तो प्रकरण एडीएम कोर्ट में प्रस्तुत किए जाएगा। जहां से अवमानक पर 5 लाख रुपए तक का जुर्माना, मिथ्याछाप पर 3 लाख रुपए तक का जुर्माना व असुरक्षित खाद्य प्रदार्थ पर 6 माह की सजा और 5 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

अब लाइसेंस व पंजीयन भी जरूरी

विभिन्न प्रकार के खाद्य प्रदार्थों का व्यापार करने वाले सभी छोटे बड़े व्यापारियों को अपने टर्न ओवर अनुसार लायसेंस व व्यापार का पंजीयन करवाना अनिवार्य होता है। चूकि एक्ट के तहत हर बार छूट की तारीख बढ़ जाती थी। लेकिन अब 8 अगस्त के बाद से जिस भी व्यापारी के यहां निरीक्षण के दौरान पात्रता अनुसार लाइसेंस या पंजीयन नहीं पाया गया तो नियामनुसार कार्रवाई की जाएगी।

नोटिस दे दिया गया हैं

जो भी सेम्पल अवमानक, मिथ्याछाप व असुरक्षित खाद्य प्रदार्थ निकले हैं। संबंधित को धारा 46(4) के तहत नोटिस दे दिया गया है। अगर वे चाहे तो एक माह के अंदर दोबारा सेम्पल की जांच करवाने का आवेदन दे सकते हैं। अन्यथा इसके बाद आगामी कार्रवाई शुरू होगी। इसी प्रकार त्योहार के चलते भी विभाग द्वारा सेम्पलिंग कार्य अभियान के रूप में किया जाएगा।

-डॉ. केके वॉस्कले, उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन

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