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खुद अपनी जर्जरता पर आंसू बहा रहा माध्यमिक विद्यालय हिंगोरिया

Updated: IST Neemuch
हादसे के भय से मावि के बच्चे पढ़ रहे प्राथमिक विद्यालय में, कक्षों के अभाव में एक भवन में चल रहे दो स्कूल

नीमच। पानी की टंकी से नल गायब, दीवारें धसी हुई, शौचालय और विद्यालय में लटके ताले, परिसर में चहुंओर जगंली पौधों की भरमार। यह हालात थे शहर से चंद किलोमीटर दूर स्थित माध्यमिक विद्यालय हिंगोरिया के। कुछ सालों पहले निर्मित भवन की हर दीवार जर्जरता की कहानी खुद बयां कर रही थी। ऐसे में कोई हादसा न हो जाए, इस कारण कक्षाएं भी प्राथमिक विद्यालय में लगने लगी, लेकिन कक्षों के आभाव में कक्षाएं शिफ्ट में लगने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान इस जर्जर भवन की ओर नहीं है।

जानकारी के अनुसा वर्ष 2006-07 के करीब माध्यमिक विद्यालय हिंगोरिया भवन का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया था, कि गांव सहित आसपास के गांव के बच्चे इस विद्यालय में आकर पढ़ सकेंगे। लेकिन भवन निर्माण में गुणवत्ता का आभाव होने के कारण कुछ सालों में भवन ने अपना वजूद खोना शुरू कर दिया। हालात यह हैं कि छत से बारिश में पानी टपकता है। वहीं दीवारें भी फट चुकी है, पानी की टंकी से नल गायब हो चुके हैं। चूकि बच्चों को कहीं तो पढ़ाना ही था, इस कारण कक्षाएं वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय में लगाई जानी लगी, लेकिन प्राथमिक विद्यालय में मात्र चार ही कक्ष होने के कारण प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय एक साथ लगाना संभव नहीं था, इस कारण विद्यालय को शिफ्ट में लगाया जाने लगा, इस कारण वर्तमान में सुबह माध्यमिक विद्यालय तो दोपहर में प्राथमिक विद्यालय की कक्षाएं लगती है। ऐसे में कई बार यह हालात हो जाते हैं। जब प्राथमिक विद्यालय के बच्चे स्कूल में पहुंच जाते हैं। लेकिन माध्यमिक की छुट्टी नहीं होने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में कक्षाएं व पढ़ाई प्रभावित होती है।

नहीं बचे एक भी नल, फर्श भी धंसा

माध्यमिक विद्यालय में स्थित पानी की टंकी में एक भी नल नहीं बचा, वहीं विद्यालय भवन का फर्श भी धस चुका है। इसी के साथ विद्यालय में और कक्षों की आवश्यकता महसूस होने पर अतिरिक्त कक्ष निर्माण का कार्य भी अधूरा पड़ा है। जो विद्यालय के पीछे ही गड्ढे खुदे थे, लेकिन वे स्वयं पूराने लगे हैं। लेकिन कक्षों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार निर्माण के लिए आया कुछ मटेरियल भी कहां गायब हो गया पता नहीं चला। वही प्राथमिक विद्यालय ङ्क्षहगोरिया में जब पत्रिका टीम पहुंची तो नजारा आश्चर्य जनक नजर आया, माना कि ठंड अधिक है। लेकिन धूप में भी टाट पट्टी तो बिछवाई जा सकती थी, लेकिन बच्चे जमीन पर बैठकर ही भोजन करते नजर आए, वहीं जिन थालियों को बाईयों द्वारा साफ स्वच्छ किया जाना चाहिए था। वह थालियां बच्चे धोते नजर आए।

बोर्ड भी हो रहे जर्जर कैसे होती होगी पढ़ाई

प्राथमिक विद्यालय हिंगोरिया में यूं तो करीब 73 बच्चे अध्यनरत है, लेकिन विद्यालय के अंदर नजर डाली तो दीवारें जर्जर नजर आ रही थी, हालांकि मरम्मत हालही में होती दिख रही थी, लेकिन दीवार देखकर साफ पता चल रहा था, कि जब बोर्ड ही जर्जर था, तो पढ़ाई कैसे होती होगी।

कई विद्यालयों की मरम्मत का कार्य होना है। इसमें हमने हिंगोरिया माध्यमिक विद्यालय को भी चिन्हित किया है। मरम्मत कार्य के लिए प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही विद्यालय की मरम्मत करवाई जाएगी।

-डॉ. पीएस गोयल, डीपीसी

हम दिखवाएंगे। अगर प्राथमिक विद्यालय में कोई अव्यवस्था है, तो शीघ्र ही सुधार करवाने के प्रयास किए जाएंगे।

-केएम सौलंकी, सहायक परियोजना समन्वयक

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