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नीमच में भरपूर पेयजल फिर भी प्यासे कंठ

Updated: IST NMH4
शहरवासियों की प्यास बुझाने के लिए पेयजल आवद्र्धन योजना पर काम चल रहा है। करोड़ों की इस योजना का कार्य कछुआ चाल के कारण पूर्ण होने का नाम नहीं ले रहा है। वर्तमान में अधिकतर कार्य पूर्ण हो चुके हैं। लेकिन योजना को बिजली आपूर्ति प्रारंभ होने का इंतजार है।

33 करोड़ की पेयजल योजना को इंतजार है बिजली आपूर्ति प्रारंभ होने का

रतलाम/नीमच। हर्कियाखाल जलाशय में इतना पेयजल संग्रहित है कि लोगों को प्रतिदिन जलापूर्ति की जा सकती है। वर्षों पुरानी और जर्जर हो चुकी पेजयल पाइप लाइन की वजह से शहर में चार दिन में एक बार जलापूर्ति हो रही है। इसके उलट करीब 33 करोड़ रुपए की पेयजल योजना बिजली आपूर्ति का इंतजार कर रही है। नपा की कछुआ चाल से हो रहे कार्य का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बांध में भरपूर पेयजल होने के बाद भी प्रतिदिन हजारों लोगों के कंठ प्यास ही रह जाते हैं।

नपा के कार्यों को भी ठेकेदार ने किया पूरा

पेयजल योजना के प्रोजेक्ट इंजीनियर अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि करीब 33 करोड़ की पेयजल योजना को पूरा करने में रेल पटरी के नीचे से पाइप लाइन निकालना सबसे बड़ी बाधा थी। जब पेयजल योजना स्वीकृत हुईथी तब यह कार्यउसमें शामिल नहीं था। इसकी अनुमति नपा प्रशासन को ही लेना थी, लेकिन अनुमति लेने में हो रही देरी की वजह से हमें ही यह कार्य करना पड़ा। पटरी के नीचे से डाली गई पाइप लाइन कार्य में हुए अतिरिक्त खर्चकी वित्तीय स्वीकृति शासन से लेना है जो कि नगरपालिका प्रशासन ही ले सकता है। जहां तक मेरी जानकारी में है अब तक नपा को इसकी अनुमति भी नहीं मिली है, जबकि यह कार्य हमने स्वयं के व्यय पर पूरा भी कर दिया है। इसके साथ ही हिंगोरिया फिल्टर प्लॉट और हर्कियाखाल जलाशय में बिजली आपूर्ति प्रारंभ कराने के लिए भी नपा को ही अनुमति लेना थी। इस कार्य में भी नपा प्रशासन लगभग नाकाम ही रहा। यह कार्यभी हमने की पूरा किया। उज्जैन से बिजली चार्जिंग की अनुमति मिल गईहै। कुल मिलाकर देखा जाए तो नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता की वजह से जो योजना एक साल पहले पूर्णहो जाना थी उसमें काफी विलम्ब हो गया।

पेयजल को लेकर विवाद होना आम बात

कांग्रेस पार्षद योगेश प्रजापति ने आरोप लगाए हैं कि शहर की आबादी करीब डेढ़ करोड़ है। इतने लोगों की प्यास बुझाने के लिए हर्कियाखाल जलाशय में पर्याप्त पेयजल है। इसे जनता का दुर्भाग्य ही कहेंगे कि इसके बावजूद लोगों को चार दिन में एक बार पीने का पानी मिल पा रहा है। वार्ड क्रमांक 13 की स्थिति तो ओर अधिक विकट है। यहां के बगीचा क्रमांक 4 व 5 की आबादी 2000 है। इतने लोगों की प्यास बुझाने के लिए क्षेत्र में मात्र 3 सार्वजनिक नल लगे हुए हैं। लोगों को पेयजल के लिए करीब आधा किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस कार्य में सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को होती है। सीमित संख्या में नल होने और क्षेत्र में पेयजल वितरण की व्यवस्था नहीं होने से आए दिन विवाद होते रहते हैं।सोमवार को भी पेयजल संकट की वजह से दो समुदाय के बीच जमकर विवाद हुआ। हालात काबू करने के लिए वरिष्ठजनों को हस्तक्षेप करना पड़ा। ऐसे ही हालात बघाना और नीमचसिटी के कुछ क्षेत्रों में भी है।

बार बार क्षतिग्रस्त हो जाती है पेयजल पाइप लाइन

पूर्व पार्षद अमित शर्मा ने भी आरोप लगाते हुए बताया कि नगरपालिका प्रशासन की लापरवाही और वर्षों पुरानी हो चुकी पेयजल पाइप लाइन की वजह से आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वैसे ही चार दिन में एक बार शहर में जलापूर्तिहो रही है। इसके बाद भी आए पाइप लाइन फूटने की वजह से संकट और गहरा जाता है। दूसरी ओर करीब 33 करोड़ रुपए की लागत की पेयजल योजना के तहत पेयजल पाइप लाइन डालने का कार्यपूर्णहो चुका है। केवल इंटकवेल के यहां नगरपालिका प्रशासन को बिजली कनेक्शन की व्यवस्था करना है। करीब एक माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी कार्यपूरा नहीं हो सका है। इसका खामियाजा भी आम जनता को ही भुगतना पड़ रहा है।

पेयजल संकट के चलते किया जाएगा आंदोलन

वार्ड क्रमांक 13 के अंतर्गत आने वाले बगीचा क्रमांक 4 व 5 भीषण पेयजल संकट व्याप्त है। लोगों को यूं तो चार दिन में एक बार पेयजल मिल रहा है, लेकिन इस वार्ड में पानी के लिए तीन सार्वजनिक नालों पर जनता आश्रित रहती है। इस कारण जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीमित संख्या में नल होने से विवाद होना आम बात हो गई है। मंगलवार को जनसुनवाई में क्षेत्र की पेयजल समस्या के निराकरण के लिए आवेदन दिया है। यदि समस्या हल नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

- योगेश प्रजापति, पार्षद वार्ड क्रमांक 13

एक सप्ताह में कर लेंगे जलापूर्तिका ट्रॉयल

हिंगोरिया फिल्टर प्लॉट और हर्कियाखाल जलाशय पर बनाए गए सर्विस स्टेशन तक बिजली आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया है। एक-दो दिन में वहां बिजली सप्लाय शुरू हो जाएगी। इसके बाद शहर में पेयजल सप्लाय करने का रास्ता भी साफहो जाएगा। हमें भी इसी का इंतजार था। हमारी ओर से शेष कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। एक सप्ताह में हम शहर में जलापूर्तिका ट्रॉयल करके देखेंगे। इसके बाद योजना पूर्णहोकर उसके नगरपालिका प्रशासन को सौंप देंगे।

- अखिलेश श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट इंजीनियर

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