Patrika Hindi News

यहां बीमें के साथ कर रहे झोलाछाप उपचार

Updated: IST NMH3
शहर में हर चार कदम पर झोलाछापों चिकित्सकों द्वारा दुकान लगाकर भोले भाले मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, ऐसा ही हालात शहर के इंदिरा नगर क्षेत्र में नजर आए, यहां झोलाछाप उपचार तो करते ही हैं, साथ ही अतिरिक्त आय के लिए बीमा भी करने लगे हैं।

हाथ में नहीं डिग्री, दे रहे एलोपैथिक दवाईयां

रतलाम/नीमच। सर्दी-खांसी हो, बुखार हो, या अन्य कोई बीमारी होने पर चाहे इंजेक्शन लगाना हो, या फिर बॉटल चढ़ानी हो। झोलाछाप कहीं पीछे नहीं हटते हैं। ये चंद रुपए के लालच में क्लिनिक पर मरीज देखने के साथ ही मरीज के घर भी उपचार करने पहुंच जाते हैं। आश्चर्य की बात तो यह है, कि कुछ लोग तो उपचार करने के साथ ही बीमा भी करते नजर आए, जिससे साफ पता चल रहा है, कि चाहे जो भी इनका उद्देश्य पैसा कमाना है।

हाथ में नहीं कोई डिग्री, कर रहे धड्ल्ले से उपचार

शहर के हर क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सक मोटी कमाई करने के उद्देश्य से अपनी दुकानें लगाए बैठे हैं, पत्रिका टीम ने जब सोमवार को पड़ताल की तो हालात आश्चर्य जनक नजर आए, इंदिरा नगर क्षेत्र में एक चिकित्सक ने यूं तो कई डिग्रियों के नाम बता दिए, लेकिन जब उनसे दिखाने को कहा, तो केवल आयुर्वेद की कुछ डिग्री ही बता पाए, इस मान से उन्हें केवल आयुर्वेदिक उपचार करना चाहिए, लेकिन उपचार एलोपैथिक दवाईयों से करते नजर आए।

प्रयोग के तौर पर बदलते रहते हैं दवाएं

चूकि झोलाछाप चिकित्सकों को पर्याप्त नॉलेज नहीं रहता है, इस कारण वे रटी रटाई दवाईयां मरीज को दे देते हैं, ऐसा ही वाक्या इंदिरा नगर स्थित क्लिनिक पर नजर आया, जब एक मरीज सर्दी खांसी के उपचार के लिए आया, वह मरीज पहले भी आया था, लेकिन फर्क नहीं पड़ा, इस कारण चिकित्सक ने फिर दवाई बदल कर दे दी, यह लोग इसी प्रकार उपचार करते हैं, मरीज को पहले दवा दे देते हैं, उससे ठीक हो जाए तो ठीक, अन्यथा दोबारा आने पर दवा बदल देते हैं। इस प्रकार ये मरीज पर प्रयोग करते रहते हैं।

घर-घर जाकर करते उपचार, साथ में बीमा भी

जहां एमबीबीएस और विभिन्न बीमारियों के विशेषज्ञ अपना क्लिनिक छोड़कर कहीं नहीं जाते हैं, जिस मरीज को दिखाना हो, उसे स्वयं ही इनके पास जाना होता है, वहीं शहर में हर चार कदम पर बैठे झोलाछाप चंद रुपए के लालच में लोगों के घर-घर जाकर उपचार करते हैं। यहां तक की यह लोग किसी बड़े चिकित्सक द्वारा लिखे गए इंजेक्शन व बॉटल भी लोगों के घर लगाने पहुंच जाते हैं। हद तो तब नजर आई, जब यह पता चला कि यह उपचार करने के साथ बीमा भी करते हैं, जबकि एक प्रतिष्ठित चिकित्सक केवल उपचार ही करता है। लेकिन यह लोग चंद रुपए के लिए उपचार के साथ अन्य साईड़ बिजनेस भी करते हैं।

मैंने डीएचएमएस, आयुर्वेद रत्न किया है, मेरे पास एलोपैथिक कंपोडर के रूप में कार्य करने का एमवाय का सार्टिफिकेट भी है। इस कारण छोटा मोटा आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक उपचार करता हूं।

-पारसमल जैन, क्लिनिक इंदिरा नगर

अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???