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बारिश में किया जल संरक्षण, गर्मी में भी मिल रहा भरपूर पानी

Updated: IST
रूफ हार्वेस्टिंग सिस्टम से कर रहे जल संरक्षण, स्वयं की पूर्ति होने पर अन्य लोगों की भी बुझाते हैं प्यास

सुबोध त्रिपाठी. नीमच/रतलाम। जहां इस समय अधिकतर शहरवासी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। वहीं जवाहर नगर निवासी दो परिवार बारिश में किए जल संरक्षण के कारण भरी गर्मी में भी भरपूर पानी का लुत्फ उठा रहे हैं। क्योंकि वे इस बार ही नहीं पिछले कई सालों से जल संरक्षण कर रहे हैं। यही कारण है कि इनके घरों में नल नहीं होने के बावजूद ये कभी पानी के लिए भटकते नजर नहीं आते हैं।

बतादें की शहर में जवाहर नगर में वर्ष 2012 में मुकेश चौहान और विपिन चौहान दोनों भाईयों ने एक साथ मकान बनाया था, इस दौरान उन्होंने भविष्य में पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़े, इस कारण भवन निर्माण होते ही दोनों घरों में रूफ हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया। बस फिर क्या था, यह दोनों परिवार पांच साल बाद आज भी बारिश के दौरान किए गए जल सरंक्षण के कारण भरी गर्मी में भी भरपूर पानी लुत्फ उठा रहे हैं।

ऐसे कर रहे है जल संरक्षण

इन दोनों मकानों में भवन निर्माण के साथ ही जल संरक्षण की योजना पर कार्य किया गया, जिसके तहत उन्होंने छत का ढलान इस प्रकार दिया ताकि बारिश में छत पर गिरने वाला पूरा पानी एक साईड आ जाए, बस उसी साईड में जाली लगा दी और उसके नीचे पाईप जो छत के पानी को सीधे घर के अंदर बने कुए में पहुंचाता है। इस प्रकार बारिश का पानी कुए में संरक्षित होता है, जिससे कुए में भरपूर पानी तो आता ही है, साथ ही कुए का जलस्तर भी बढ़ता है। क्योंकि बारिश के दौरान भरपूर पानी होने के कारण कुआ भी पानी सोस लेता है। वहीं बारिश के दौरान इन घरों के कुए लबालब भरा जाते हैं। उस दौैरान ये परिवार पानी का स्वयं उपयोग करने के साथ ही आस पड़ोसियों को भी पानी मुहैया करा देते हैं। इन दोनों घरों में लगा रूफ हार्वेस्टिंग सिस्टम का पाईप भी सीधे बींम कालम के साथ नीचे उतर रहा है। इस कारण मकान का शो भी कहीं से कहीं तक प्रभावित नहीं होता है। अगर इसी प्रकार हर कोई अपने भवनों में रूफ हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाकर पानी सरंक्षण करे तो निश्चित ही जिले का जलस्तर भी बढ़ेगा और लोगों को पूरे साल भरपूर पेयजल मिलेगा।

20 फीट गहरे कुए में हो लाखों लीटर पानी सरंक्षित

भवन निर्माण के साथ ही करीब 20 फीट गहरा कुए में जो कि 8 गुणा 8 चौड़ा है में रूफ हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से जल संरक्षण किया जा रहा है। इसी प्रकार दोनों घरों की छतें भी करीब पांच पांच सौ फीट है। इन दोनों छतों पर बारिश के दौरान गिरने वाले पानी से उस समय तो कुए लबालब हो ही जाते हैं, साथ ही वाटर लेवल बढऩे के साथ ही पूरे वर्ष भी पर्याप्त पानी मिलता है, क्योंकि बारिश के दौरान करीब लाखों लीटर पानी सरंक्षित किया जाता है।

भवन निर्माण के साथ ही लगाए गए रूफ हार्वेस्टिंग सिस्टम का लाभ आज तक मिल रहा है। हम बारिश शुरू होने से पहले छत को अच्छे से धो लेते हैं। ताकि बारिश का साफ पानी कुए में आए, क्योंकि कुए के पानी को ही हम पूरे साल पीने सहित अन्य उपयोग में लेते हैं।

-लता चौहान, रहवासी, जवाहर नगर

हमारे दोनों घरों में नल कनेक्शन नहीं है, लेकिन रूफ हार्वेस्टिंग सिस्टम के कारण हमें कभी पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। बारिश में अच्छा जल संरक्षण होने पर हम पड़ोसियों को भी पानी देते हैं। इसी प्रकार अगर हर व्यक्ति अपने अपने घरों में यह सिस्टम लगवाए तो निश्चित ही कहीं पानी की कमी नहीं आए।

- निर्मला चौहान, रहवासी, जवाहर नगर

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