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एनजीटी ने श्रीश्री रविशंकर को लगाई फटकार, जिम्‍मेदारी पर भी उठाए सवाल

Updated: IST sri sri ravisankar
एनजीटी ने श्रीश्री से पूछा क्या आपको अपनी जिम्मेदारी का अंदाजा है?

नई दिल्ली/नोएडा. श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ़ लिविंग पर यमुना में कार्यक्रम आयोजित करके उसे प्रदूषित करने का आरोप है. अब जब प्रदूषण के खिलाफ उस पर जुर्माना हो रहा है तब उसने कहा कि वह जुर्माना क्यों भरें. केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और खुद एनजीटी, जिसने कार्यक्रम को कराने की इजाजत दी, वही इस जुर्माने का भुगतान करें.

एनजीटी आर्ट ऑफ़ लिविंग के इस बयान से सख्त नाराज हो गया और उसने कहा कि क्या आर्ट ऑफ़ लिविंग को उसकी जिम्मेदारियों की समझ है? आपने हमारे सामने याचिका दायर कर रखी है और ऊपर से इस तरह के बयान दे रहे हैं, क्या आपको अपनी जिम्मेदारियों का अंदाजा है?

कोर्ट अब इस मामले में सुनवाई 9 मई को करेगा. आर्ट ऑफ़ लिविंग ने पिछले साल मार्च के महीने में दिल्ली-यूपी की सीमा पर यमुना के किनारे विश्व सांस्कृतिक महोत्स्व का आयोजन किया था. माना जा रहा था कि कार्यक्रम के बाद यमुना के जैव विविधता को काफी क्षति पहुंची है. एनजीटी ने इस नुक्सान को समझने के लिए एक कमेटी बनाई जिसने अपनी रिपोर्ट में भारी नुक्सान होने का दवा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक़ इसको ठीक करने में 42 करोड़ रूपये से अधिक की रकम खर्च होगी. ऐसे में यह माना जा रहा है कि आर्ट ऑफ़ लिविंग पर जुर्माना बढ़ाया जा सकता है. संस्था पहले ही पांच करोड़ रूपये का जुरमाना भुगत चुकी है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि यमुना को उसकी पहली स्थिति में लाने के लिए 10 वर्षों का समय लग सकता है. और इसकी जैव विविधतता को सही करने के लिए 13.29 करोड़ रुपये खर्च होंगे. जबकि भौतिक नुक्सान को पूरा करने के लिए 28.73 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

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