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UP Election 2017

'भाजपा ने जमीन खरीदकर काले धन को किया सफेद'

Updated: IST bjp leads in maharashtra municipal polls setback f
कांग्रेस विधायक ने लगाए भाजपा पर आरोप, राष्ट्रपति से जांच की मांग की

नोएडा। बिहार और अन्य राज्यों के बाद अब नोटबंदी के फैसले से पहले भाजपा के द्वारा जमीन खरीदने का मामला वेस्ट यूपी तक पहुंच चुका है। भाजपा की ओर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जमीनों की रजिस्ट्री करवाने के मामले सामने आ रहे हैं। हापुड़ कांग्रेस विधायक गजराज सिंह ने आरोप लगाया है कि नोटबंदी की सूचना पहले से ही बीजेपी नेताओं के पास थी। उन्होंने राष्ट्रपति से इसकी जांच की मांग की है। आपको बता दें कि जब से बीजेपी के इस तरह के मामले सामने आए हैं तब से बीजेपी के सभी नेताओं की सांसे थम सी गई हैं। कई बहानों और बातों से लोगों का ध्यान जमीन खरीद से हटाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि आने वाले यूपी चुनावों में इस बात का नकारात्मक असर ना पड़े।

हापुड़ में मामला आया सामने

हापुड़ जिला बनने के बाद से बीजेपी का जिला कार्यालय मीनाक्षी रोड स्थिति एक किराए के मकान में चल रहा था। कांग्रेस विधायक के आरोप के अनुसार, बीजेपी ने अक्टूबर में ही हापुड़ में बीजेपी के ऑफिस के लिए जमीन की रजिस्ट्री कराई है। बीजेपी ने पहले ही जमीन खरीदकर काले धन को सफेद कर लिया। कांग्रेस नेताओं के आरोपों के अनुसार सिर्फ हापुड़ ही नहीं वेस्ट यूपी के अन्य कई शहरों में जमीन की खरीद बड़े पैमाने पर की गई है। ताकि कालेधन को सफेद किया जा सके। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा के देश के पीएम ने देश की जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने देश की जनता को रोटी के लिए तरसा दिया है। वहीं उनके नेता अपने काले धन को जमीन खरीद कर पहले से ही सफेद कर चुके हैं।

ऐसे खरीदी गई जमीन

सूत्रों की मानें तो 16 अक्टूबर को बीजेपी नेतृत्व ने हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण की प्रीत विहार आवासीय योजना में गाजियाबाद के कविनगर केसी-37 निवासी अरुण जैन का 288 वर्ग मीटर का प्लॉट (सी-59) खरीद लिया था। इसका बैनामा 26 अक्टूबर 2016 को बीजेपी केंद्रीय कार्यालय 11, जनपद रोड, नई दिल्ली की ओर से अधिकृत बरेली विधायक राजेश अग्रवाल ने करवाया। गवाह हापुड़ बीजेपी जिलाध्यक्ष अशोक पाल और जिला कोषाध्यक्ष कपिल को बनाया गया। जमीन खरीदने में सर्कल रेट से अधिक की धनराशि 46 लाख रुपए दो ड्राफ्ट के माध्यम से की गई है। पहला ड्राफ्ट संख्या 810861, तारीख 28.09.2016, दो लाख, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, नई दिल्ली और दूसरा ड्राफ्ट संख्या 860512, 44 लाख, तारीख 25.10.2016 यूनियन बैंक, नई दिल्ली से किया गया।

रजिस्ट्री डिपार्टमेंट की चुप्पी

डीआईजी स्टांप विजय कुमार तिवारी और सब रजिस्ट्रार फस्र्ट रवि तिवारी ने इस संबंध में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। हापुड़ बीजेपी जिला कोषाध्यक्ष व रजिस्ट्री में गवाह कपिल सिंघल ने रजिस्ट्री की पुष्टि करते हुए बताया कि हापुड़ जिला कार्यालय की रजिस्ट्री की गई है, जो नियमानुसार व रिकॉर्ड में है। बीजेपी नेता विनीत शारदा ने बताया कि सपा-बीएसपी के नेताओं ने अपनी सरकार होने पर अरबों रुपए की जमीनें खरीदीं, लेकिन बीजेपी की तो प्रदेश में सरकार ही नहीं है। विपक्षी दलों का आरोप गलत है। वहीं, इस बारे में बीजेपी के प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने कहा कि जिला कार्यालयों की रजिस्ट्री का नोटबंदी से कोई मतलब नहीं है। लोकसभा चुनाव के बाद से जिलों में अपने स्वामित्व वाले बीजेपी ऑफिस के लिए जमीन को देखी जा रही थी। कई जगहों पर कार्यालय बन चुके हैं। कई जगहों पर बनने की प्रक्रिया चल रही है। इसे नोटबंदी से जोडऩा बिल्कुल गलत है।

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