Patrika Hindi News

> > > > demonetization: not banks but police helping needy for cash

UP Election 2017

नोटबंदी में बैंक नहीं पुलिस अधिकारियों से मिल रही मदद

Updated: IST Rs 2,000 note
नोटबंदी पर जहां बैंक लोगों की परेशानी नहीं समझ रहे हैं वहीं ऐसे समय में पुलिस उनकी हमदर्द बन रही है

नोएडा। नोटबंदी से परेशान लोगों के लिए अब बैंक अधिकारी तो नहीं, लेकिन पुलिस अधिकारी मदद के लिए जरूर सामने आ रहे हैं। नोटबंदी के चलते पत्नी का दाहसंस्कार आैर बारात न ले जा पा रहे दूल्हे की मदद कर एसपी सिटी ने ये साबित भी कर दिया। एेसे में लोग बैंक की जगह पुलिस अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं।

यह है पूरा मामला

नोएडा के सेक्टर 10 में रहने वाले राजेंद्र कुमार की बुधवार को शादी थी। बारात दिल्ली के कल्याणपुरी जानी थी। लेकिन घर में एक भी रुपया न होने के चलते सभी लोग परेशान थे। यहीं कारण है कि बुधवार सुबह सात बजे दूल्हा खुद सेक्टर 9 के बैंक ऑफ इंडिया में पैसा निकालने के लिए लाइन में लगा था। जब उसका नंबर आया तो बैंक में कैश खत्म हो गया था। राजेंद्र ने बताया कि उसकी शादी है। इसके बाद भी बैंक अधिकारियों ने कोर्इ रुपया नहीं दिया। वहीं सरकार ने 2,50,000 तक शादी के घर में पैसा निकालने की छूट दी थी। लेकिन नोएडा के अधिकांश बैंको में पैसा ही नहीं है। वही राजेंद्र का पूरा परिवार दुखी है कि वो क्या करें। उसने बैंक अधिकारियों ने अपनी शादी का हवाला देकर रुपये देने की गुहार लगार्इ, आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने उसे टरका दिया।

पुलिस अधिकारी से गुहार लगाने पर मिले रुपये

पीड़ित ने बताया कि बैंक से रुपये न मिलने पर वह यहां से परिजनों के साथ सेक्टर-६ स्थित एसपी सिटी कार्यालय पहुंचा। यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बताया कि आज ही के दिन शादी है आैर जेब में रुपया नहीं है। वहीं बैंक अधिकारियों ने भी बैंक में कैश खत्म होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। वहीं रिश्तेदारों ने भी रुपये देने से साफ इंकार दिया। इस पर एसपी सिटी दिनेश यादव ने पीड़ितों को बैंक से 45 हजार रुपये दिलाये। इसके साथ ही अपने पास से भी 6 हजार रुपये दिये।

दो दिन पहले भी मृतक पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए की थी मदद

इससे दो दिन पहले ही पुलिस अधिकारियों ने दो दिन से रुपय न मिलने के चलते पत्नी की मौत के बाद शव का अंतिम संस्कार न कर पा रहे पति की भी मदद की थी। पीड़ित पति ने कोतवाली सेक्टर-२० में जाकर बैंक से रुपये न मिलने आैर पत्नी के अंतिम संस्कार न कर पाने की बात बतार्इ थी। इस पर पुलिस अधिकारियों ने बैंक मैनेजर से पीड़ित पति को रुपये दिलाए थे। इसके साथ ही अपने पास से भी उन्हें रुपये दिये थे।

अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???