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ये बाहुबली हर बार अलग पार्टी से लड़ता है चुनाव और कर देता है सबको परास्‍त

Updated: IST bahubali in up election
दबंग और आपराधिक छवि के बावजूद 2012 में सीएम अखिलेश ने भी जताया था भरोसा

बुलंदशहर. 2007 में जब बाहुबली गुड्डू पंडित उर्फ श्रीभगवान शर्मा ने बसपा के टिकट पर डिबाई विधानसभा सीट से ताल ठोकी थी, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि क्या होने वाला है। सारे सियासी समीकरणों के धता बता कर बाहुबली गुड्डू विधायक बन गए। उन्होंने कल्याण सिंह का गढ़ कहे जाने वाले डिबाई में उन्हीं के बेटे को हरा दिया। इसके बाद 2012 में उन्होंने बसपा छोड़ सपा के टिकट पर जीत हासिल की। इस बार भी उन्होंने कल्याण के बेटे राजू को हरा दिया। वहीं तीसरी बार भी वे चुनाव मैदान में उतरने को तैयार हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार वे फिर से दल बदल कर भाजपा से चुनाव लड़ेंगे, क्‍योंकि सपा उन्‍हें पहले ही पार्टी से बाहर का रास्‍ता दिखा चुकी है। अब देखना ये होगा कि इस बार जनता का दिल वो जीत पाएंगे या नहीं।

2007 में बसपा के टिकट पर जीत हासिल करने वाले गुड्डू पंडित को 2012 में सपा के टिकट पर जीत मिली और अब 2017 में वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन ऐसा क्या हुआ कि हर चुनाव में वो अलग पार्टी के निशान पर मैदान में उतरते हैं। ये तो सवाल ही है जिसका जवाब वे कभी नहीं देते।

2012 में उन्होंने जो हलफनामा दाखिल किया उसके मुताबिक उन पर 13 आपराधिक मामले चल रहे हैं। 2008 में उन पर एक लड़की ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। ये मामला काफी बढ़ गया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने उन्हें दिल्ली स्थित अपने बंगले पर बुलाया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

बेहद दबंग और आपराधिक छवि के बावजूद अखिलेश ने 2012 में उन पर भरोसा जताया था। डीपी यादव की खिलाफत करने वाले अखिलेश ने गुड्डू पर लगे आरोपों के बावजूद उन्हें टिकट दी थी और उनके भाई मुकेश पंडित को भी शिकारपुर सीट से टिकट दी थी। गुड्डू और मुकेश दोनों ने ही जीत हासिल की और सपा के जिले में मजबूत बनाया। अब भाजपा उन्हें कहां से टिकट देती है ये देखने वाली बात होगी, क्योंकि इस बार डिबाई सीट से कल्याण सिंह के पोते चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।

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