Patrika Hindi News
Bhoot desktop

अखिलेश-मुलायम के झगड़े का फैसला आज, जानिए-किसने क्‍या कहा 

Updated: IST akhilesh yadav mulayam singh yadav
चुनाव आयोग ने दोनों को एक सहमति पर आने को कहा है

नई दिल्ली/नोएडा।साइकिल पर कब्‍जे को लेकर अखिलेश और मुलायम गुट आज चुनाव आयोग के सामने पेश होकर अपना-अपना दावा पेश करेंगे। अगर दोनों धड़े किसी एक समझौते पर सहमत नहीं होते तो दोनों को ही अलग-अलग चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे।

चुनाव आयोग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आयोग ने सपा के दोनों ही धड़ों को अपने पास बुलाया है और अगर सम्भव है तो दोनों के बीच एक सहमति पर आने को कहा है, लेकिन इसी के साथ यह भी तय है कि अगर दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी मांगों के साथ अड़े रहते हैं तो चुनाव आयोग मजबूरन साइकिल चुनाव चिन्ह जब्त कर लेगा और दोनों ही धड़ों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह वितरित कर देगा। यहां यह ध्यान देने की बात है कि 17 जनवरी को ही यूपी के पहले चरण के लिए अधिसूचना जारी हो जानी है, ऐसे में समय की कमी को देखते हुए माना जा रहा है कि कल दोनों ही धड़ों को किसी समझौते पर पहुंचने के लिए अंतिम अवसर की तरह है।
वहीं, मुलायम और अखिलेश गुट दोनों चुनाव आयोग के सामने अपने दस्तावेज जमा करा चुके हैं और आयोग के सामने अपनी-अपनी बातें रखने वाले हैं। चुनाव नजदीक है और सबकी निगाह इस बात पर है कि साइकिल पर किसका कब्जा होगा। आइए जानते हैं किसके पास क्या तर्क है-

मुलायम गुट का तर्क

मुलायम ने कहा कि अब चुनाव चिह्न कोई भी हो, चुनाव वहींं प्रत्याशी लड़ेंगे जिनके टिकट उनके दस्तखत से जारी होंगे। उन्‍होंने दावा किया कि ये मामला उनके बाप-बेटे के बीच में है। बेटे को कुछ लोगों ने बहका दिया। चुनाव आयोग में पहले उन्होंने पार्टी संविधान का हवाला देते हुए दावा किया कि वही हैं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष। पार्टी के संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष को हटाया नहीं जा सकता है। अधिवेशन बुलाने के लिए कम से कम 30 दिन पहले नोटिस देना जरूरी है, जिसका पालन नहीं किया गया। उन्‍होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की एक प्रक्रिया है, जिसका पालन नहीं किया गया। रामगोपाल को पहले से ही उनके पद से हटा दिया गया था। मुलायम सिंह यादव को हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया था, इसलिए नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने का औचित्य ही नहीं पैदा होता।

अखिलेश का पक्ष

वहीं, सीएम अखिलेश यादव भी चुनाव आयोग पहुंचे तो चुनाव आयोग में दस्‍तक दे चुके हैं। आयोग ने अखिलेश कैंप के लोगों को निर्देश दिए कि पार्टी के विधायकों की जो सूची आयोग में वो दे रहे हैं, उनकी कॉपी मुलायम सिंह यादव को भी दी जाए। इस पर जवाब दिया गया कि नेताजी को उनके दिल्ली और लखनऊ दफ्तर में कागजात भेजे गए, लेकिन कागजात स्वीकार नहीं किए। रामगोपाल ने दावा किया कि 212 विधायक, 68 एमएलसी और 15 सांसद उनके पाले में हैं।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???