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नोटबंदी के चलते पत्नी के शव का दो दिन तक अंतिमसंस्कार नहीं कर सका गरीब

Updated: IST note ban effect
खाते में रुपयेे होने के बावजूद भी नहीं आए काम, बैंक ने कहा- कैश नहीं है

नोएडा। कालेधन को लेकर की गर्इ नोटबंदी कालेधन पर चोट दे रहा है या नहीं इसका अंदाजा तो लग पाना मुश्किल है, लेकिन हर दिन गरीबों को कष्ट देने वाली परेशानी जरूर सामने आ रही है। एेसा ही एक मामला सामने आया नोएडा में, जहां एक मजदूर खातों में रुपया होने के बावजूद पत्नी के शव को दो दिन तक दाहसंस्कार नहीं कर पाया। बैंक वालों ने भी साथ नहीं दिया। एेसे में पुलिस आैर प्रशासनिक अधिकारियों ने साथ खड़े होकर पीड़ित की मदद की। बैंक से संपर्क कर मुन्नी लाल को पैसा दिलाए गए। अब तीसरे दिन पीड़ित अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार करेगा।

बस्ती जिले के मुरेखा निवासी मुन्नी लाल सेक्टर-9 के सी ब्लॉक के सामने झुग्गी में परिवार के साथ रहते हैंं। उनकी 61 वर्षीय पत्नी फूलवती पिछले कुछ महीनों से बीमार थी। फूलवती का सेक्टर-24 ईएसआईसी अस्पताल में उपचार चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उसे सेक्टर-29 के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां सोमवार दोपहर 2 बजे उनका निधन हो गया। मुन्नी लाल के पास अस्पताल से घर तक शव लाने के लिए रुपये नहीं थे। एेसे में अस्पताल प्रबंधन ने मुन्नी लाल की स्थिति देख बिना शुल्क लिए एम्बुलेंस से शव उसके घर पहुंचा दिया।

अंतिम संस्कार के लिए नहीं थे रुपये, दो दिन तक घर रखना पड़ा शव

पत्नी की तबियत खराब होने आैर नोटबंदी के चलते लंबी लाइनों में न खड़े हो पाने के चलते मुन्नी लाल रुपये नहीं निकाल पाये। मुन्नी लाल ने बताया कि नोटबंदी के कारण जेब में पैसे नहीं थे। इस कारण सोमवार को अंतिम संस्कार नहीं हुआ। मंगलवार सुबह को सेक्टर 63 के निजी कंपनी में काम करने वाला बेटा यमना प्रसाद सेक्टर 9 के बैंक ऑफ इंडिया में रुपये निकालने की लाइन में लग गया। बैंक में यमना प्रसाद, मुन्नी लाल व फूलवती देवी का जनधन के बैंक खाते हैं, लेकिन बैंक खुलते ही अधिकारियों ने रुपये न होने की बात कही। बेटे ने बैंक अधिकारियों से मां के शव के अंतिम संस्कार के लिए खाते से रुपये निकालने का निवेदन किया। बैंक अधिकारियों ने रुपये नहीं होने का हवाला देकर उसे घर भेज दिया। यमना प्रसाद के साथ फिर उसके पिता मुन्नी लाल बैंक पहुंचा, लेकिन पैसे नहीं मिले। कोई रास्ता समझ न आने पर मुन्नी लाल ने कोतवाली सेक्टर- 20 पुलिस में शिकायत की।

बैंक वालों ने बढ़ाया हाथ, चौकी प्रभारी ने दिया साथ

बैंक वालों के फरियाद न सुनने पर मुन्नी लाल कोतवाली सेक्टर-20 पहुंचा। यहां उसकी मुलाकात झुंडपुरा चौकी प्रभारी दिलीप सिंह बिष्ट से हुई। उन्होंने बैंक अधिकारियों से बात की लेकिन पैसे नहीं निकल पाए। इसके बाद दिलीप सिंह बिष्ट ने अंतिम संस्कार के लिए मुन्नी को अपनी जेब से दो हजार रुपये दिए। एक अन्य महिला ने पांच सौ रुपये दिए। साथ ही मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी गई। पुलिस अधिकारी के साथ सिटी मजिस्ट्रेट रामानुज सिंह बैंक पहुंचे। दोपहर बाद मुन्नी लाल को बैंक से 15 हजार रुपये निकाल कर दिए गए।

बर्फ की व्यवस्था कर रखा गया शव, आज होगा अंतिम संस्कार

मुन्ना लाल को पैसे मिलने के बाद सूर्य अस्त हो चुका था। इस कारण बुधवार को अंतिम संस्कार का निर्णय लिया गया। फूलवती के शव को सुरक्षित रखने के लिए बर्फ मंगाई गई, जिसके बीच शव को रखा गया। बुधवार सुबह सेक्टर-94 अंतिमनिवास में अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। वहीं, इस बारे में सेक्टर-9 स्‍थित बैंक आॅफ इंडिया के महाप्रबंधक शिशुपाल का कहना है कि बैंक में रुपये नहीं होने की वजह से पीड़ित को रुपये नहीं दिए गए। मुन्नी लाल समेत अन्य लोगों को जो परेशानी हुई, उसका हमें अंदाजा है।

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