Patrika Hindi News

बलिदानी चोगा

Updated: IST opinion news
कई बार तो नेता भीड़ को इतना उकसा देते हैं कि एक सामान्य व्यक्ति उनके लिए प्राण तक त्याग देता है। राष्ट्रहित के लिए आत्मबलिदानियों की फेहरिस्त लम्बी है। हम उनके प्रति सिर झुकाते हैं पर राष्ट्रहित के नाम पर जनता से सूचनाएं

व्यंग्य राही की कलम से

देश हित में, राष्ट्रहित में, समाज हित में,परिवार हित में, यह कुछ ऐसे हाहाकारी शब्द हैं जिनकी आड़ में आप किसी को भी नेस्तनाबूद कर सकते हैं। किसी की भी बलि ले सकते हैं। किसी की भी सम्पत्ति छीन सकते हैं। और किसी की भी थूथरी रगड़ सकते हैं। बस आपको एक फर्जी बलिदानी चोगा पहनना है। पंचतंत्र में एक दिलचस्प कहानी है- एक बार जंगल में अकाल पड़ा। खाने के लाले पड़ गए। जंगल का राजा शेर भी कई दिनों से भूखा पड़ा था।

शेर के दरबारी चमचों में एक लोमड़ी और एक सियार था। शेर का परममित्र था ऊंट। एक दिन लोमड़ी ने सियार से कहा- प्यारे! राजा शेर को कोई शिकार मिल नहीं रहा अगर शेर ऊंट को मार डाले तो दो महीने तक खाने की समस्या निपट जाएगी। दोनों ने प्लान बनाया। शाम को लोमड़ी ने आंखों में आंसू भर के शेर से कहा- महाराज! आप राष्ट्र का प्रतीक हैं।

आपकी भूख मुझसे देखी नहीं जा रही। आप मेरा शिकार कर अपनी भूख मिटाए। लोमड़ी की बात काट कर सियार बोला- लोमड़ी रानी। तुममें कितना सा मांस है। महाराज शेर के सामने मैं प्रस्तुत हूं। उन दोनों को बलिदान मुद्रा में देख ऊंट में भी जोश आ गया और बोला- महाराज! आप चाहें तो मेरा वध कर सकते हैं।

शेर कुछ झिझका तो लोमड़ी ने कहा- प्रभु। ये राष्ट्रहित का प्रश्न है और ऊंट तो स्वयं बलिदान को प्रस्तुत हुआ है। शेर ने ऊंट को मार डाला। लोमड़ी-सियार प्रसन्न हो गए। हमारे नेता यही करते रहे हैं। कभी जनहित में घरों पर बुल्डोजर चला देते हैं, कभी बस्तियां उजाड़ देते हैं। कभी किसानों की जमीन अवाप्त करके बड़े कारखानेदारों को गिफ्ट में दे देते हैं।

कई बार तो नेता भीड़ को इतना उकसा देते हैं कि एक सामान्य व्यक्ति उनके लिए प्राण तक त्याग देता है। राष्ट्रहित के लिए आत्मबलिदानियों की फेहरिस्त लम्बी है। हम उनके प्रति सिर झुकाते हैं पर राष्ट्रहित के नाम पर जनता से सूचनाएं छिपाना, उन्हें बेघर कर देना, कहां तक सही है।

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? निःशुल्क रजिस्टर करें ! - BharatMatrimony
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???