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खेल मंत्रालय ने आईओए पर से हटाया प्रतिबंध

Updated: IST Suresh Kalmadi and Abhay Singh Chautala
खेल मंत्रालय ने आईओए पर तुरंत प्रभाव से निलंबन हटा दिया क्योंकि उसने आलोचनाएं झेलने के बाद दागी कलमाड़ी और चौटाला को आजीवन अध्यक्ष पद से हटाने का फैसला किया।

नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) पर से प्रतिबंध हटाते हुए उसे फिर से मान्यता प्रदान की है। आईओए ने दागी सुरेश कलमाड़ी और अभय सिंह चौटाला को अपना अजीवन मानद सदस्य बनाया था। इस फैसले के बाद मंत्रालय ने आईओए पर प्रतिबंध लगा दिया था।

मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि सरकार ने आईओए द्वारा अपने चौटाला और कलमाड़ी को आजवीन अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले में सुधार करने के बाद उस पर लगाए गए प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का फैसला किया है।

इसके साथ ही मंत्रालय ने आईओए से भविष्य में भी ईमानदारी और नैतिकता के उच्च मानकों को कायम रखने की बात कही। मंत्रालय ने कहा कि आईओए ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और सभी को हुई असुविधा और शर्मिंदगी पर खेद व्यक्त किया है। आईओए से उम्मीद की जाती है कि वह भविष्य में भी ईमानदारी और नैतिकता के उच्च मानकों को बनाए रखेगा।

उल्लेखनीय है कि आईओए ने 27 दिसंबर को हुई अपनी वार्षिक आम बैठक में एक बिल पास कर कलमाड़ी और चौटाला को अपना अजीवन अध्यक्ष नियुक्त किया था। आईओए के इस फैसले की काफी आलोचना हुई।

इस मामले को लेकर सरकार ने आईओए को कारण बताओ नोटिस भी दिया था। नोटिस देने के बाद मंत्रालय ने आईओए पर प्रतिबंध लगा दिया था।प्रतिबंध के कारण आईओए, सरकार और राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (एनओसी) से मिलने वाली मदद से वंचित हो गया था।

इन सब विवादों के बाद नौ जनवरी को आईओए के अध्यक्ष एन.रामचन्द्रन ने खेल मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा था कि उसने कलमाड़ी और चौटाला को उनके अजीवन अध्यक्ष बनाने के फैसले को वापस ले लिया है।

कलमाड़ी और चौटाला दोनों ही आईओए के अध्यक्ष रह चुके हैं। कलमाड़ी 1996 से 2011 तक इस पद पर रहे थे तो चौटाला ने 2012 से 2014 तक यह पद संभाला था। कलमाड़ी पर दिल्ली में 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में घोटालों का आरोप है वहीं चौटाला पर कई आपाराधिक मुकदमें चल रहे हैं।

आईओए अध्यक्ष एन रामचंद्रन ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अगर मंत्रालय ने निलंबन हटा दिया है तो यह आईओए के लिए अच्छी खबर है।

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