Patrika Hindi News

> > > > Haryana: Morden prisons security on the base of old arms

हरियाणा: पुराने हथियारों के बल पर आधुनिक जेलों की सुरक्षा

Updated: IST Electric fencing in jail
प्रदेश की मांग पर गंभीर नहीं हुआ गृह मंत्रालय, वर्षों से सरकारी फाइलों में अटका है हथियार खरीद का प्रोजैक्ट

चंडीगढ़। हरियाणा में पिछले एक दशक के दौरान कई जेलों का निर्माण करके उन्हें आधुनिक रूप तो दिया गया है लेकिन जेलों की सुरक्षा में तैनात गार्डों को आधुनिक हथियार मुहैया करवाए जाने को लेकर कोई गंभीर नहीं है। प्रदेश की जेलों की सुरक्षा आज भी वर्षों पुराने हथियारों के बल पर हो रही है। हरियाणा की पूर्व तथा मौजूदा सरकार के बार-बार आग्रह पर भी केंद्र ने इसे आजतक गंभीरता से नहीं लिया है। जिसके चलते हरियाणा की जेलों की सुरक्षा राम भरोसे है।

हरियाणा में इस समय कुल 18 जेले हैं। जिनमें 16 जिला तथा दो केंद्रीय जेल शामिल हैं। जेल विभाग के अधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश की जिला व केंद्रीय जेलों की सुरक्षा में तैनात गार्डों के पास न तो आधुनिक हथियार हैं और न ही उनके पास ऐसे हथियार चलाने का कोई प्रशिक्षण है। हरियाणा जेल विभाग द्वारा नए व आधुनिक हथियारों की मांग करते हुए कई बार गृह मंत्रालय को पत्र लिखा जा चुका है और कई बार अंतरराज्जीय बैठकों में यह मुद्दा उठ चुका है। इसके बावजूद गृह मंत्रालय ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और हरियाणा की जेलों में आज भी पुराने हथियारों के बल पर ही सुरक्षा की जा रही है।

खुद जेल विभाग के आला अधिकारी इस बात से सहमति व्यक्त करते हैं कि जेलों की सुरक्षा में तैनात गार्डों के पास पुराने हथियार होने के कारण वह आपात स्थिति से निपटने के लिए सक्षम नहीं हैं। दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक दशक के दौरान हरियाणा में कई जेलों का निर्माण करते हुए उन्हें आधुनिक इमारतें तो प्रदान कर दी गई हैं लेकिन सुरक्षा कर्मियों को आधुनिक हथियार मुहैया करवाए जाने को लेकर कोई गंभीर नहीं है।

प्रदेश की जेलों में नए व आधुनिक हथियार मुहैया करवाए जाने की मांग नई नहीं है। यह मामला लंबे समय से सरकारी फाइलों में अटका हुआ है। सूत्रों की मानें तो स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के चीफ परमिंद्र राय के डीजीपी (जेल) पद पर होते हुए भी हथियारों की मांग को लेकर गृह मंत्रालय व पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा गया था। हैरानी की बात यह है कि इस अवधि के दौरान कई जेल अधीक्षकों पर जहां हमला हो चुका है, वहीं कइयों को जान से मारने की धमकी भी मिल चुकी हैं। आधा दर्जन से अधिक जेल अधिकारियों की हत्या भी बदमाशों द्वारा की गई है। इसके बाद भी जेलों की सुरक्षा की ओर सरकार का ध्यान नहीं गया है।

इस बारे में संपर्क करने पर हरियाणा जेल विभाग के महानिदेशक यशपाल सिंघल ने स्वीकार किया कि जेलों की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों के पास पुराने हथियार हैं। उन्होंने कहा कि जेलों में अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि नाभा घटना के बाद बीती रात ही पुलिस महानिदेशक से भी बात की है। जल्द ही जेलों में नये हथियार उपलब्ध करवाए जाएंगे। वर्तमान में जो हथियार हैं, उन्हें एक्सपायरी डेट को तो नहीं कहा जा सकता।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???