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गुजरात, हिमाचल में वीवीपीएटी लगी ईवीएम से ही होंगे चुनाव

Updated: IST VVPAT
इस साल के अंत में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में वोटर वैरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) लगी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) से ही चुनाव होंगे।

नई दिल्ली। इस साल के अंत में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में वोटर वैरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) लगी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) से ही चुनाव होंगे। इसके लिए चुनाव आयोग ने सभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। चुनाव आयोग ने नई मशीनों की खरीददारी के लिए ऑर्डर भी दे दिया है। एक समाचार पत्र से बातचीत करते हुए चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन दोनों राज्यों में चुनाव कराने के लिए लगभग 80 हजार वीवीपीएटी मशीनों की जरूरत होगी। अभी हमारे पास 55 हजार मशीनें मौजूद हैं। अन्य मशीनों की खरीददारी के लिए दो कंपनियों को ऑर्डर दे दिया है। उन्होंने बताया कि हाल में कई राजनीतिक पार्टियों द्वारा भविष्य में वीवीपीएटी लगी ईवीएम से चुनाव कराने की मांग के बाद यह कदम उठाया जा रहा है।

बसपा-आप ने उठाए थे ईवीएम पर सवाल
हाल में पांच राज्यों में हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और आम आदमी पार्टी (आप) ने ईवीएम मशीनों पर सवाल उठाए थे। इन दोनों दलों के नेताओं का कहना था कि ईवीएम से छेड़छाड़ के कारण भाजपा को जीत मिली है। इसके बाद दोनों दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से चुनावों में शत-प्रतिशत वीवीपीएटी लगी ईवीएम का प्रयोग करने की मांग की थी। बाद में कांग्र्रेस, समाजवादी पार्टी समेत अन्य राजनीतिक दलों ने भी वीवीपीएटी लगी ईवीएम के इस्तेमाल की मांग की थी।

केंद्र सरकार ने जारी किए 3174 करोड़ रुपए
ईवीएम पर विवाद बढऩे के बाद केंद्र सरकार ने वीवीपीएटी मशीनों की खरीददारी के लिए बुधवार को 3174 करोड़ रुपए जारी कर दिए। वीवीपीएटी की खरीददारी के लिए चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से कई बार पैसे की मांग की थी। आयोग ने इसको लेकर 22 मार्च को एक बार फिर कानून मंत्री को चिट्टी भेजी थी। जानकारी देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया था कि अगस्त 2018 तक 16 लाख 15 हजार वीवीपीएटी मशीनों की खरीद की जाएगी। उन्होंने कहा था कि 2019 के लोकसभा चुनाव भी वीवीपीएटी मशीनों से कराए जाएंगे।

कई राज्यों में हो चुका है वीवीपीएटी का प्रयोग
चुनाव आयोग बीते वर्षों में कई राज्यों में हुए चुनावों में वीवीपीएटी लगी ईवीएम का प्रयोग कर चुका है। हाल में हुए गोवा विधानसभा के चुनावों में शतप्रतिशत वीवीपीएटी लगी ईवीएम का इस्तेमाल हुआ था, जबकि पंजाब की 117 में से 33 विधानसभा सीटों पर वीवीपीएटी लगी ईवीएम का इस्तेमाल किया गया था। फिलहाल चुनाव आयोग के पास 55 हजार वीवीपीएटी मशीनें हैं।

क्या है वोटर वैरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल
यह एक प्रकार की मशीन है जो ईवीएम से जुड़ी होती है। जब कोई वोटर वोट डालता है तो इस मशीन से एक पर्ची निकलती है। इस पर्ची के माध्यम से यह पता चल जाता है कि वोटर ने किस उम्मीदवार को वोट दिया है। इन पर्चियों को एक बॉक्स में जमा किया जाता है ताकि किसी विवाद की स्थिति में पर्चियों की गिनती कर समस्या दूर की जा सके।

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