Patrika Hindi News

पन्नीरसेल्वम बोले: जब तक दो शर्तें पूरी नहीं, नहीं होगी विलय पर बातचीत  

Updated: IST Pannerselvam
पन्नीरसेल्वम के नेतृत्व वाले धड़े ने मुख्यमंत्री पलनीस्वामी के नेतृत्व वाले गुट से विलय की बाचतीत को खारिज करते हुए कहा कि जब तक शशिकला तथा उनके परिवार के सदस्यों को पार्टी से निष्कासित नहीं किया जाता, पार्टी के दोनों धड़ों के विलय पर बातचीत संभव नहीं है।

नई दिल्ली: ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम के नेतृत्व वाले धड़े ने मुख्यमंत्री पलनीस्वामी के नेतृत्व वाले गुट से विलय की बाचतीत को खारिज करते हुए कहा कि जब तक शशिकला तथा उनके परिवार के सदस्यों को पार्टी से औपचारिक तौर पर निष्कासित नहीं किया जाता, पार्टी के दोनों धड़ों के विलय पर बातचीत संभव नहीं है। उनका गुट जुलाई महीने में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में किस पार्टी या उम्मीदवार का समर्थन करेगा, इस बारे में भी अपने पत्ते नहीं खोले।

हम एमजीआर तथा जयललिता के सिद्धांत पर कायम- पन्नीरसेल्वम
समूह ने कहा, हमारे गुट ने दिवंगत एमजीआर तथा जयललिता के इस सिद्धांत को बरकरार रखने के लिए धर्मयुद्ध शुरू किया है कि पार्टी की कमान किसी परिवार के हाथ में नहीं होनी चाहिए, कम से कम शशिकला तथा टीटीवी दिनाकरण के हाथों में तो बिल्कुल नहीं। यहां तक कि पार्टी का आधिकारिक मुखपत्र 'नामाधु एमजीआर' उप महासचिव टीटीवी दिनाकरण के नाम से बयान जारी कर रहा है।

जब शशिकला तथा दिनाकरण का निष्कासन उसी दिन बातचीत संभव-पन्नीर
पन्नीरसेल्वम ने निर्वाचन आयोग के साथ एक बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ऐसी परिस्थितियों में हम उनके (पलनीस्वामी के नेतृत्व वाले धड़े) के साथ बाचतीत करने का फैसला कैसे कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जिस दिन मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंदी गुट ने घोषणा कर दी कि उसने शशिकला तथा दिनाकरण को बाहर निकाल दिया है, उसी दिन विलय पर आराम से बातचीत होगी।

विलय की प्रक्रिया धीमी क्यों है, अच्छी तरह समझता है-मीडिया
एक सवाल के जवाब में कि विलय की वार्ता में रोड़ा कौन बन रहा है, पन्नीरसेल्वम ने कहा कि मीडिया पूरे मुद्दे को तथा विलय की प्रक्रिया धीमी क्यों है, इसे अच्छी तरह समझता है। हमने फैसला किया है कि हम एमजीआर तथा जयललिता के सिद्धांतों पर डटे रहेंगे और पार्टी पर किसी परिवार को शासन नहीं करने देंगे।

एक अन्य सवाल के जवाब में कि प्रतिद्वंदी गुट को चलाने में किसका हाथ है, पूर्व मंत्री तथा पन्नीरसेल्वम गुट के नेता के. मुनुस्वामी ने कहा कि फिलहाल तो पार्टी को शशिकला के एक अन्य रिश्तेदार दिवाकर चला रहे हैं।

जयललिता की मौत की हो CBI जांच- मुनुस्वामी
मुनुस्वामी ने कहा कि पार्टी में अभी भी बेनामी शक्तियों का राज है। उन्होंने (मुख्यमंत्री) अभी भी शशिकला तथा दिनाकरन को पार्टी से निष्कासित नहीं किया है। केवल मध्यम कद के नेता ऐसा बोल रहे हैं।

हमारी दो मांगें हैं, जयललिता की मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराई जाए तथा शशिकला व दिनाकरण को पार्टी से बाहर निकाला जाए। एक बार जब यह हो जाएगा, तो विलय के लिए बातचीत की राह आसान हो जाएगी।

पार्टी चुनाव चिन्ह 'दो पत्ती' पर आयोग के समक्ष पेश किया अपना दावा
पन्नीरसेल्वम के नेतृत्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से मुलाकात की तथा पार्टी के चुनाव चिन्ह 'दो पत्ती' पर अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए अयोग को और दस्तावेज सौंपे। प्रतिनिधिमंडल ने जयललिता के निधन के बाद शशिकला को पार्टी का महासचिव बनाए जाने को अवैध घोषित करने को लेकर आयोग को 170 पन्नों का एक ज्ञापन सौंपा।

उसने निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में एआईएडीएमके के महासचिव पद पर किसी भी व्यक्ति के नाम के न होने का हवाला देते हुए कहा कि उसे नियुक्ति को (शशिकला की) अवैध घोषित करना चाहिए।

राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा के बाद करेंगे समर्थन का निर्णय- पन्नीर
मुनुस्वामी ने कहा कि आयोग जल्द ही इस पर फैसला लेगा, क्योंकि अयोग की वेबसाइट में महासचिव के रूप में अभी भी किसी के नाम का उल्लेख नहीं है, क्योंकि उसने शशिकला की नियुक्ति को स्वीकार नहीं किया है।

इस बारे में पूछे जाने पर कि राष्ट्रपति चुनाव में उनके गुट की क्या रणनीति होगी, पन्नीरसेल्वम ने कहा कि अभी न तो चुनाव की घोषणा हुई है और न ही किसी उम्मीदवार के बारे में किसी पार्टी ने कोई घोषणा की है। एक बार जब यह हो जाता है, तो पार्टी नेतृत्व बैठक करेगा और इस बारे में फैसला लेगा।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???