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आवासीय प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती बरकरार, कमर्शियल प्रॉपर्टी ने पकड़ी रफ्तार

Updated: IST Property Market
रियल एस्टेट बिल के चलते डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट लॉन्च करने से डर रहे है

नई दिल्ली। रियल एस्टेट के आवासीय प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती का दौर बरकरार है। कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक इंडिया के छमाही रिपोर्ट 'इंडिया रियल एस्टेट (जनवरी से जून) 2016 के मुताबिक आवासीय प्रॉपर्टी की मांग में कमी आने के चलते पिछले छह महीने में नए प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग में 9 फीसदी कम हुए। एनसीआर में आवासीय प्रॉपर्टी की कीमत 4 फीसदी (सल दर साल ) गिरी ओर 2013 के मुकाबले करीब 18 फीसदी की गिरावट आई।

आवासीय प्रॉपर्टी बाजार का हाल

2016 की पहली छमाही में आवासीय प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती का दौर ज्यों का त्यों बना रहा। इसके चलते देश के छह बड़े प्रॉपर्टी मार्केट में कीमत में बढ़ोतरी नहीं हुई तो एनसीआर में 4 फीसदी की कमी आई। 2015 के पहली छमाही में 117,200 यूनिट्स के मुकाबले 2016 के पहली छमाही में 107,120 यूनिट्स लॉन्च हुई। एनसीआर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला मार्केट रहा। यहां नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग 41 फीसदी कम हुए। एनसीआर के बाद चेन्नई और पुणे में नए प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग में क्रमश:36 और 32 फीसदी कम हुए। बिना बिके हुए फ्लैट 2015 के मुकाबले 7.10 लाख से 7 फीसदी कम होकर 6.60 लाख रहा। इस दौरान आवासीय प्रॉपर्टी बाजार में बेंगलुरु और पुणे का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा।

कमर्शियल मार्केट का प्रदर्शन

कमर्शियल प्रॉपर्टी मार्केट में तेजी का दौर है। 2015 के पहली छमाही के मुकाबले 2016 के पहली छमाही में आफिस स्पेस की कुल लीजिंग 17.9 मिलियन वर्ग फुट से बढकर 20 मिलियन वर्ग फुट रहा। कुल ट्रांजैक्शन में 12 फीसदी की ग्रोथ हुई। स्पेस अधिक हैदराबाद में लीजिंग हुई। 2015 के मुकाबले 2016 में 91 फीसदी की वदिध दर्ज की गई। दूसरा स्थान मुंबई का रहा। मुंबई में भी लीजिंग में 50 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई। आफिस स्पेस की मांग होने से रेंट में बढ़ी। साल दर साल करीब 8 फीसदी की रेंट में बढ़ोतरी हुई। वहीं, एनसीआर, पुणे और बेंगलुरु में सल दर साल आधार पर रेंट में 10 से 14 फीसदी की बढ़ोतरी आई।

कीमतें नहीं बढ़ेंगी

नाइट फ्रैंक इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (कैपिटल मार्केट्स) राजीव बैराठी ने कहा कि अनसोल्ड इनवेंट्री (बिना बिके हुए फ्लैट) के चलते डेवलपर्स कीमत नहीं बढा पाएंगे। सभी बड़े प्रॉपर्टी बाजार में कीमत स्थिर हैं। वहीं, एनसीआर में कीमत कम हुई है। 2016 के सेंकेंड हाफ में मार्केट बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। आने वाले समय में भी अफोर्डेबल प्रॉपर्टी यानी 50 लाख से कम कीमत की मांग रहेगी। रियल एस्टेट बिल के चलते डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट लॉन्च करने से डर रहे है। रेडी टू मूव प्रॉपर्टी की मांग रहेगी।

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