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सोशल आडिट टीम ने इंदिरा आवास योजना में पकड़ी गड़बड़ी

Updated: IST Indira Awas Yojna
रायबरेली मनरेगा नहीं इंदिरा आवासों के धन में भी जमकर लूट हुई। सोशल आडिट टीम में साढ़े चार लाख रुपए की गड़बड़ी पकड़ी है।

रायबरेली. रायबरेली में मनरेगा हो या इंदिरा आवासों को लेकर कोई मामला। यहां तक सरकार की कोई भी योजना जो जनता के लिए बनाई और उसको सही रूप से जनता तक पहुंचाने का काम हो,लेकिन जबतक उस सरकारी योजना के ऊपर कोई निगरानी करने वाला नही होगा यानी कोई भी सरकारी धन का हिसाब रखने की जरूरत नही समझेगा। तब तक इसी तरह सरकारी धन में लूट खसोट चलती रहेगी। अगर सही तरह से उस सरकारी पैसा का जो आम जनता के लिए भेजा जाता है उसे आडिट कराया जाय कि कितना धन उपयोग हुआ ओर कितना धन बचा है। तभी इस सरकारी पैसे को हम आम जन तक पहुँचा पाएंगे और बचाने की भी कोशिश होगी।

रायबरेली मनरेगा नहीं इंदिरा आवासों के धन में भी जमकर लूट हुई। सोशल आडिट टीम में साढ़े चार लाख रुपए की गड़बड़ी पकड़ी है।टीम ने लूटी गई धनराशि की वसूली की संतुति करते हुए वसूलने के लिए अधिकारियों से सिफारिश भी की लेकिन इसके बाद भी किसी के कान में जू नहीं रेंगी। वर्ष 2014 -15 में ऑडिट टीम ने 2.10 लाख रुपए का गबन पकड़ा था जबकि 2016 -17 में 3.15 लाख का गबन पकड़ा,लेकिन आज तक साढ़े चार लाख रुपए की वसूली नहीं हो पाई है।

इंदिरा आवास वर्तमान में बदला नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के मध्य में भी जमकर लूट हुई। इसका खुलासा तब हुआ जब सोशल ऑडिट टीम ने गांव में चल रहे निर्माण निर्माण कार्यों का सच जाना शासन के निर्देश पर इंदिरा आवास के निर्माण का सच जानने के लिए सोशल ऑडिट टीम ने जब गांव का ऑडिट किया तो पता चला कि निर्माण के धन में बड़ी अनियमितताएं बरती गई, सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। टीम ने वर्ष 20-14- 15 में 533 गांव की ऑडिट की जिसमें छह गांव ऐसे मिले जहां पर अनियमिततायें बरती गई थी । टीम ने गांव में 2.10 लाख रुपए का गबन पाया, जिसमें अधिकारियों ने सत्तर हजार की वसूली तो की लेकिन शेष 1.40 लाख रुपए की वसूली आज तक नहीं की गई । इस तरह टीम में वर्ष 2016-17 में टीम ने 370 ग्राम पंचायतों की ऑडिट की थी।

टीम ने गबन की गई धनराशि 3.15 लाख रुपए की वसूली की संतुति करते हुए अधिकारियों को पत्रावली भेज दी। इससे साफ है कि जिले में किस तरह घपले होते है। और जब इस तरह के मामले अधिकारियों के संज्ञान में आते है तब जाकर उसकी जांच पकड़ में आती है। सूत्रों की माने तो कई कर्मचारियों के फंसे होने के कारण वसूली प्रक्रिया को धीमा कर दिया गया, इसको लेकर अधिकारी ने बताया कि वसूली की प्रक्रिया चल रही है, जो भी पैसा नहीं जमा कर आएगा उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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