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साल भर में नहीं हो पाया अवार्ड पारित अब प्रक्रिया निरस्त कराने की तैयारी

Updated: IST Award not passed throughout the year
केलो परियोजना ने फिर से तीन गांव में प्रभावित क्षेत्र में चल रहे भू-अर्जन के प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा नहीं कर पाया है।

रायगढ़. केलो परियोजना के तहत नहर निर्माण करने के लिए भू-अर्जन में खुलकर मनमानी की जा रही है। केलो परियोजना ने फिर से तीन गांव में प्रभावित क्षेत्र में चल रहे भू-अर्जन के प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा नहीं कर पाया है।

जिसके कारण अब उक्त प्रकरण निरस्त होने की स्थिति में है और विभाग नए तरीके से भू-अर्जन करने की तैयारी में है। भू-अर्जन अधिनियम के अनुसार ग्राम जिलाड़ी, रैबार ओर तिलगी में साल भर से भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही है।

उक्त तीनों गांव के प्रभावित जमीन का अधिग्रहण करने के लिए प्रथम अधिसूचना का प्रकाशन करने के बाद धारा 19 तक का प्रकाशन हो चुका है।

धारा 19 के प्रकाशन के बाद इसमें आए आपत्तियों का निराकरण कर अवार्ड पारित किया जाना था लेकिन प्रारंभिक अधिसूचना से साल भर अधिक का समय हो गया।

जिसके कारण अब इसमें अवार्ड की प्रक्रिया चलट गई है। सूत्रों की माने तो केलो परियोजना विभाग के अधिकारी जानबूझकर आपत्तियों का निराकरण समय सीमा में पूरा नहीं किए जिसके कारण इसप्रकार की स्थिति निर्मित हुई।

और अब इसका खामियाजा प्रभावित क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बताया जाता है कि केलो परियोजना ने उक्त तीनों गांव में हुए भू-अर्जन के प्रक्रिया को समाप्त करते हुए फिर से करने के लिए पत्र लिखे हैं हांलाकि अधिकारी इसकी पुष्टी नहीं कर रहे हैं और तीनों गांव के प्रभावित किसान अधर में लटके हुए हैं।

पहले भी हुई लारपरवाही- रावनखेंदरा के नाम से शुरू हुए भू-अर्जन प्रकरण क्रमांक 61/अ-82/2014-15 में राजस्व विभाग ने धारा 21 तक का प्रकाशन हो चुका है।

उक्त धारा के प्रकाशन के बाद अब इसमें आपत्ती मंगाई गई है और अगले चरण में अवार्ड पारित होना था। लगभग भू-अर्जन की प्रक्रिया समाप्त होने के कगार पर है और अब केलो परियोजना इस प्रक्रिया को जिस स्तर तक कार्रवाई हुई है वहीं समाप्त करते हुए प्रकरण को नस्तीबद्व किए जाने के लिए पत्र लिखा हुआ है।

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