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हैरान रह गए Parents जब डॉ. ने कहा- इन बच्चों को हम बल्कि वे खुद बचा सकते हैं अपनी जान

Updated: IST nothing disease
चिरायु की टीम ने स्कूल में शिविर लगाकर बच्चों की सेहत की जांच की, बल्कि काउंसिलिंग कर उनकी चिंताओं को दूर किया, उन्हें स्वच्छता और खानपान का ध्यान रखते हुए स्वस्थ रहने के टिप्स दिए गए

महासमुंद. कोई बीमारी है नहीं, लेकिन खुद को बीमार मानते हुए झलप के सैकड़ों बच्चे चिंताओं से घिरे थे। चिरायु की टीम ने स्कूल में शिविर लगाकर बच्चों की सेहत की जांच की, बल्कि काउंसिलिंग कर उनकी चिंताओं को दूर किया, उन्हें स्वच्छता और खानपान का ध्यान रखते हुए स्वस्थ रहने के टिप्स दिए गए। जिसका पालन करते हुए बच्चे अब अच्छा महसूस कर रहे हैं।

दरअसल झोलाछाप डॉक्टर लोगों को तरह-तरह की बीमारियों से ग्रसित बताकर या उनका भय दिखाकर उन्हें होमियोपैथी, एलोपैथी, आयुवेर्दिक तरह-तरह की दवाएं खिला रहे हैं। बीमारी है कि नहीं यह तो पता नहीं, लेकिन लोगों को मानसिक रूप से बीमार बनाया जा रहा है। झलप क्षेत्र में हर उम्र वर्ग के सैकड़ों लोग टाइफाइड, पीलिया, मलेरिया सहित ब्लड शुगर, सिकलिन आदि की दवाएं खा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल है। झोलाछाप डॉक्टर तरह-तरह की दवाएं देकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं, बल्कि बीमारियों का खौफ पैदा कर उन्हें चिंताओं से घिरे असहज जीवन की ओर ढकेल रहे हैं।

हैरान रह गई चिरायु की टीम
हाईस्कूल में लगे शिविर के दौरान चिरायु टीम के सदस्य हैरान रह गए जब बच्चे डॉक्टर के पास पहुंच कर पहले से ही यह बताने लगे कि उन्हें ऐसी-ऐसी बीमारी है। ये बच्चे बीमारियों से घबराए और मानसिक रूप से परेशान भी थे।

बच्चों को सच्ची बात बताएं
जो भी डॉक्टर हों, उन्हें बच्चों को सही राह दिखाया चाहिए, सच्ची बात बतानी चाहिए। हमारा काम था, हमने यही किया, बच्चों ने फालो किया, अब वे खुश हैं और अच्छा महसूस कर रहे हैं।
डॉ. अशफाक अहमद, जिला प्रभारी चिरायु, महासमुंद

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