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अगर उद्योग में है घाटा तो हो सकता है वास्तु दोष, करें यह बदलाव

Updated: IST vastu shastra
आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि उद्योगों की समृद्धि के लिए वास्तु शास्त्र के निम्न नियमों का पालन करना चाहिए...

पं देवनारायन शर्मा/रायपुर. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि उद्योगों की समृद्धि के लिए वास्तु शास्त्र के निम्न नियमों का पालन करना चाहिए। क्योंकि वास्तु का असर उद्योग क्षेत्र पर भी पड़ता है। तो जानिए वास्तु दोष से कैसें छुटकारा पाएं

मुख्य प्रवेश द्वार -

-अगर भूखंड उत्तर मुखी है तो मुख्य द्वार वायव्य से दो भाग छोड़कर तीसरे चौथे और पांचवे भाग में बनाये

-अगर भूखण्ड पूर्व मुखी है तो ईशान कोण से दो भाग छोड़कर तीसरे और चौथे भाग में बनाना चाहिए

-अगर भूखण्ड दक्षिण मुखी है तो आग्नेय कोण से दो भाग छोड़कर तीसरे और चौथे भाग में बनाना चाहिए

-अगर भूखण्ड पश्चिम मुखी है तो नैऋत्य कोण से तीन भाग छोड़कर चौथे और पांचवे भाग में बनाना चाहिए

-जमीन का ढाल -जमीन का धन दक्षिण से उत्तर की ओर और पश्चिम से पूर्व की ओर होनी चाहिए

-सुरक्षा गार्ड का कमरा उत्तरी द्वार पर पूर्व मुखी , पूर्वी द्वार में उत्तर मुखी ,पश्चिमी द्वार में उत्तर मुखी ,दक्षिण द्वार में पूर्व मुखी होना चाहिए।

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